Bijapur Naxal Surrender: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “नियद नेल्लानार” और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर एक डीवीसीएम सहित कुल 12 सशस्त्र माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में 08 महिला और 04 पुरुष माओवादी शामिल हैं, जिन पर कुल 54 लाख रुपये का इनाम घोषित था। (बीजापुर में 12 नक्सलियों ने किया सरेंडर)

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण के दौरान माओवादियों ने एक AK-47 और दो SLR राइफल पुलिस को सौंपी हैं। आत्मसमर्पण (Bijapur Maoist Surrender) करने वाले सभी माओवादी फायरिंग, आईईडी ब्लास्ट, आगजनी सहित कई गंभीर नक्सली वारदातों में शामिल रहे हैं। यह आत्मसमर्पण बस्तर आईजी पी. सुंदरराज, सीआरपीएफ डीआईजी देवेंद्र सिंह नेगी, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यूलेण्डन यार्क, डीएसपी शरद जायसवाल और उप पुलिस अधीक्षक विनीत साहू की मौजूदगी में हुआ। (बीजापुर माओवादी आत्मसमर्पण)

आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत प्रत्येक को 50-50 हजार रुपये की नगद सहायता राशि प्रदान की गई। पुलिस ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक कुल 888 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जबकि 1163 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 231 माओवादी अलग-अलग मुठभेड़ों में मारे गए हैं। बस्तर आईजी पी. सुंदरराज ने कहा कि सरकार की योजनाएं और पुनर्वास नीति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं और लगातार माओवादी मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
