CG Video: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से मारपीट का माला सामने आया है, देवभोग नगर पंचायत कार्यालय में वेतन भुगतान में देरी को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि CMO ऑफिस के भीतर ही इंजीनियर और उसके साथियों ने अकाउंटेंट की पिटाई कर दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।![]()
जानकारी के मुताबिक, घटना 7 मई की शाम करीब 5 बजे के बाद नगर पंचायत के सीएमओ कक्ष में हुई। बताया जा रहा है कि इंजीनियर श्याम सुंदर पटनायक ने अकाउंटेंट संदीप चंद्राकर को वेतन भुगतान में देरी को लेकर चर्चा के लिए बुलाया था। इसी दौरान दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई और मामला मारपीट तक पहुंच गया।
वायरल वीडियो में इंजीनियर के साथियों को संदीप चंद्राकर के साथ मारपीट करते देखा जा सकता है। वीडियो में थप्पड़ और घूंसे मारने की घटना भी दिखाई दे रही है। वहीं जवाब में संदीप चंद्राकर भी एक व्यक्ति की पगड़ी उतारकर हमला करते नजर आ रहे हैं। घटना के दौरान सीएमओ दुष्यंत साहू बीच-बचाव करते दिखाई दिए।
घटना के बाद अकाउंटेंट संदीप चंद्राकर की शिकायत पर इंजीनियर श्याम सुंदर पटनायक और उनके तीन सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं दूसरे पक्ष की शिकायत पर संदीप चंद्राकर के खिलाफ भी देवभोग पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। देवभोग थाना प्रभारी फैजुल शाह हुदा ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, घटना वाले दिन सीसीटीवी फुटेज की मांग की गई थी, लेकिन सीएमओ कार्यालय की ओर से रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी गई थी। अब वायरल वीडियो की पुष्टि और अन्य तथ्यों की जांच के लिए सीएमओ को पत्र भेजा जा रहा है।
इधर इस मामले में कर्मचारी यूनियन भी सामने आ गई है। अकाउंटेंट संदीप चंद्राकर कर्मचारी यूनियन के प्रदेश कोषाध्यक्ष हैं। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश सोनी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने देवभोग पुलिस को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की गिरफ्तारी और गैर जमानती धाराओं में कार्रवाई की मांग की है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष राजेश तिवारी ने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच तालमेल की कमी के कारण नगर पंचायत की छवि खराब हो रही है। उन्होंने जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।





