Jagdalpur News: छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में एक बार फिर सरकारी छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। पश्चिम टेमरा गांव स्थित आदिवासी बालक आश्रम से चौथी कक्षा में पढ़ने वाला 11 वर्षीय छात्र बीरेंद्र कश्यप रविवार सुबह से लापता है। लेकिन 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी प्रशासन और पुलिस के पास छात्र का कोई सुराग नहीं है।
परिजन खुद कर रहे हैं तलाश
यह हॉस्टल आदिम जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास विभाग द्वारा संचालित 100 सीटर बालक आश्रम है, जो कुरूसपाल पंचायत के अंतर्गत आता है। जानकारी के अनुसार, बच्चा रविवार सुबह लगभग 11 बजे आश्रम से अचानक लापता हो गया।
हॉस्टल अधीक्षक ने देर शाम परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद परिजन रातभर जंगल-पहाड़ियों में तलाश करते रहे। लेकिन सोमवार दोपहर तक भी बच्चे का कोई पता नहीं चल पाया है।
परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप
परिजनों का कहना है कि हॉस्टल में बच्चों की निगरानी के कोई ठोस इंतज़ाम नहीं हैं। न तो सीसीटीवी कैमरे हैं, न ही बच्चों पर पर्याप्त स्टाफ की निगरानी। उन्होंने हॉस्टल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही और अनदेखी का आरोप लगाया है।
गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज, लेकिन कार्रवाई धीमी
बीरेंद्र की गुमशुदगी की रिपोर्ट घोटिया चौकी में दर्ज की गई है, लेकिन अब तक न कोई ठोस सुराग मिला है, न ही पुलिस की ओर से कोई स्पष्ट रणनीति दिखाई दे रही है।
