खैरागढ़ – छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के खैरागढ़ क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। ग्राम भोरमपुर में सोमवार सुबह एक किसान के घर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब घर में फ्रिज खोलते ही अचानक जबरदस्त विस्फोट हो गया। इस हादसे में 52 वर्षीय किसान श्रीराम वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, श्रीराम वर्मा रोज की तरह सुबह फ्रिज खोलकर उसमें से सामग्री निकालने जा रहे थे, तभी तेज धमाका हुआ। विस्फोट इतना तीव्र था कि किसान के दोनों पैर मौके पर ही बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के ग्रामीण भी दहशत में आ गए।
इलाज के दौरान तोड़ा दम
परिजन और ग्रामीण तुरंत श्रीराम को छुईखदान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव और अंदरूनी चोटों के चलते उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
मृतक किसान श्रीराम वर्मा अपने पीछे एक पुत्र और तीन पुत्रियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है, वहीं गांव में शोक की लहर फैल गई है।
धमाके की वजह अब तक अज्ञात
फिलहाल, धमाके की असली वजह का पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फ्रिज संभवतः पुराने मॉडल का था, जो रसोई में रखा था। रातभर बंद रहने के बाद सुबह चालू करते ही यह हादसा हुआ।
तकनीकी जानकारों की मानें तो फ्रिज में इस प्रकार का विस्फोट कंप्रेसर फेल होने, गैस लीक या ओवरलोड इलेक्ट्रिक सर्किट जैसी तकनीकी खामी के कारण हो सकता है।
सावधानी ही सुरक्षा है
यह हादसा हर घर के लिए एक चेतावनी है कि पुराने या खराब हो चुके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की समय-समय पर जांच और मरम्मत बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों द्वारा समय-समय पर सर्विसिंग और सुरक्षा जांच कराना न केवल जान-माल की सुरक्षा देता है, बल्कि ऐसे हादसों को रोकने में भी सहायक होता है।
जांच टीम कर रही पड़ताल
घटना की सूचना पर स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनास्थल का जायजा लिया। तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम भी गठित की गई है, जो विस्फोट के कारणों की गहन जांच करेगी। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह हादसा लापरवाही का नतीजा था या तकनीकी खामी का।
