Raipur News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कुख्यात सूदखोर तोमर भाइयों की गिरफ्तारी अब पुलिस की प्राथमिकता बन गई है। शहर में खुलेआम घूम रहे इन आरोपियों को लेकर पुलिस ने अलर्ट जारी किया है। रायपुर एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने इनकी गिरफ्तारी में मदद करने वाले को ₹5000 इनाम देने की घोषणा की है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि वीरेंद्र तोमर और रोहित तोमर समाज के लिए खतरा बन चुके हैं और किसी भी समय कोई गंभीर अपराध कर सकते हैं। दोनों आरोपी पिछले 21 दिनों से फरार हैं और लगातार अपना मोबाइल बंद रख रहे हैं।
उत्तर प्रदेश और राजस्थान में तलाश, अब तक कोई सुराग नहीं
एसएसपी के निर्देश पर पुलिस की 2-3 टीमें उत्तर प्रदेश और राजस्थान में इन आरोपियों की तलाश कर रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के साथ-साथ छत्तीसगढ़ ऋण संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की है।
4 आरोपी अब तक गिरफ्तार, महिला भी शामिल
इस पूरे कर्ज वसूली गिरोह में अब तक एक महिला समेत कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह गिरोह ‘विस्टो फाइनेंस’ नाम से एक ग्रुप बनाकर ब्याज पर पैसा देता था और धमकी देकर वसूली करता था।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मुख्य भूमिका निभाने वाला बंटी सहारे (36) निवासी झंडा चौक, चांगोरभाठा शामिल है। उसके साथ जितेंद्र देवांगन उर्फ मोनू (24) निवासी शीतला पारा, सिमगा को भी पकड़ा गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से मोबाइल फोन जब्त किया है।
2 साल से कर रहा था वसूली का काम
पूछताछ में बंटी सहारे ने खुलासा किया कि वह पिछले 2 वर्षों से ब्याज वसूली मैनेजर के रूप में काम कर रहा था। ‘विस्टो फाइनेंस’ नाम से एक वॉट्सऐप ग्रुप बनाकर वह ब्याज की रकम का हिसाब-किताब रखता था।
जो लोग ब्याज नहीं चुका पाते थे, उन्हें तोमर ब्रदर्स द्वारा धमकी दी जाती थी। गिरोह का संचालन रोहित तोमर, वीरेंद्र तोमर और दिव्यांश मिलकर कर रहे थे।
नगर निगम ने घर पर चिपकाया नोटिस
रायपुर नगर निगम ने भी तोमर ब्रदर्स के घर पर कार्रवाई करते हुए नोटिस चस्पा किया है। 1000 वर्गफुट में बने कथित कार्यालय की वैधता पर सवाल उठाते हुए दस्तावेज मांगे गए हैं। नोटिस में 4 दिन की मोहलत दी गई है, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। यह नोटिस जोन क्रमांक 6 के कमिश्नर द्वारा जारी किया गया है।
