Muharram 2026: छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने मोहर्रम, उर्स और अन्य धार्मिक आयोजनों को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में आयोजित होने वाले मोहर्रम और उर्स कार्यक्रमों में DJ, बैंड-बाजा, धुमाल, नाच-गाना, आतिशबाजी और अन्य गैर-शरीयत गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।![]()
राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज द्वारा जारी निर्देश में प्रदेश की सभी ताजिया कमेटियों, दरगाह कमेटियों, उर्स कमेटियों, मुतवल्लियान और इंतेजामिया कमेटियों से धार्मिक कार्यक्रमों को कुरान, हदीस और शरीयत के अनुसार आयोजित करने की अपील की गई है।
धार्मिक आयोजनों की गरिमा बनाए रखने के निर्देश
वक्फ बोर्ड ने कहा है कि मोहर्रम और उर्स जैसे धार्मिक आयोजनों की पवित्रता और गरिमा बनाए रखना सभी संबंधित समितियों की जिम्मेदारी है। किसी भी जुलूस, उर्स या धार्मिक कार्यक्रम में प्रतिबंधित गतिविधियां पाए जाने पर संबंधित समिति और जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बोर्ड ने यह भी चेतावनी दी है कि गंभीर उल्लंघन की स्थिति में संबंधित समिति की मान्यता तक समाप्त की जा सकती है।
उल्लंघन करने वालों पर 50 जुर्माना
निर्देशों के अनुसार यदि किसी आयोजन में DJ, बैंड-बाजा, आतिशबाजी या अन्य प्रतिबंधित गतिविधियां पाई जाती हैं, तो संबंधित समिति और इंतेजामिया पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
जुमे की नमाज से पहले पढ़कर सुनाने के निर्देश
वक्फ बोर्ड ने मुस्लिम समाज से मोहर्रम को हजरत इमाम हुसैन और शहीद-ए-कर्बला की कुर्बानियों की याद में सादगी, इबादत, सब्र और अखलाक के साथ मनाने की अपील की है।
साथ ही प्रदेश की सभी मस्जिदों के इमाम, मुतवल्लियान और इंतेजामिया कमेटियों को निर्देश दिया गया है कि इस आदेश को जुमे की नमाज से पहले पढ़कर सुनाया जाए और मस्जिदों के नोटिस बोर्ड पर भी चस्पा किया जाए।


