Danteshwari Temple: बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी मंदिर में शारदीय नवरात्रि की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस बार श्रद्धालुओं की भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मंदिर में प्रवेश और निकासी की व्यवस्था में बदलाव किया गया है।
मंदिर चौक से मंदिर परिसर तक सामान्य श्रद्धालुओं, VIP और VVIP भक्तों के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए जाएंगे। इसके अलावा इस बार मंदिर के अंदर मोबाइल फोन ले जाने पर रोक रहेगी। श्रद्धालुओं को दर्शन से पहले मोबाइल बाहर बने काउंटर पर जमा करना होगा।
मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 24 कैमरे लगाए जा रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की टीम भी पूरे आयोजन के दौरान निगरानी रखेगी।
मोबाइल लेकर मंदिर में प्रवेश पर रोक
इस बार मां दंतेश्वरी मंदिर में मोबाइल फोन के साथ प्रवेश नहीं दिया जाएगा। मंदिर के बाहर मोबाइल जमा करने के लिए काउंटर बनाया जा रहा है। श्रद्धालु मोबाइल जमा करने के बाद ही दर्शन के लिए मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे।
दंतेवाड़ा एसपी चंद्रमोहन सिंह ने भी नई व्यवस्था की पुष्टि की है। हालांकि, उन्होंने कहा कि व्यवस्था को लेकर अंतिम निर्णय प्रक्रिया में है।
VIP दर्शन के लिए 500 रुपए शुल्क
मंदिर में VIP दर्शन की व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी। इसके लिए श्रद्धालुओं को प्रति व्यक्ति 500 रुपए शुल्क देना होगा। भक्त मंदिर समिति के काउंटर से या ऑनलाइन माध्यम से रसीद प्राप्त कर सकेंगे। ऑनलाइन दर्शन व्यवस्था के लिए QR कोड की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
ज्योति कलश स्थापना के शुल्क में बदलाव
नवरात्रि में ज्योति कलश स्थापना के लिए इस बार घी के कलश की राशि बढ़ाकर 3100 रुपए कर दी गई है। पिछले साल इसकी राशि 2100 रुपए थी। वहीं तेल के कलश की राशि 1100 रुपए ही रखी गई है। मंदिर समिति ने इस बार करीब 10 हजार ज्योति कलश स्थापना का लक्ष्य रखा है।
मंदिर व्यवस्था का बजट घटा
नवरात्रि के दौरान मंदिर परिसर की सजावट और अन्य व्यवस्थाओं पर पहले करीब 32 से 35 लाख रुपए तक खर्च किए जाते थे। इस बार मंदिर परिसर के काम के लिए करीब 10 लाख रुपए का टेंडर किया गया है।
इसके अलावा साउंड सिस्टम व्यवस्था पर करीब 3.30 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। पहली बार सेवा समितियों के लिए टेंट की व्यवस्था जनपद पंचायत और नगरीय निकायों को करनी होगी।
श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए 9 कमरों की व्यवस्था
दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के सामने स्थित धर्मशाला में 9 कमरों की व्यवस्था की गई है। एक कमरे में करीब 8 से 10 लोगों के रुकने की सुविधा होगी।
कमरे के लिए 200 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर अन्य स्थानों पर भी ठहरने की व्यवस्था की जाएगी।



