CG News: खुला दूध का व्यवसाय करने वाले व्यवसायियों की कड़ी चेतावनी के बाद डेयरी कंपनी को बैकफुट पर आना पड़ा है। एक दिन के भीतर ही डेयरी कंपनी से जुड़े मैनेजरों ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली। इसके बाद सर्व यादव समाज छत्तीसगढ़ ने कंपनी के खिलाफ कार्रवाई और आंदोलन की चेतावनी को वापस ले लिया है।
![]()
जिला पंचायत रायपुर के उपाध्यक्ष संदीप यदु ने बताया कि डेयरी कंपनी द्वारा अपने दूध की बिक्री बढ़ाने के उद्देश्य से खुले दूध के व्यवसाय के खिलाफ पाम्पलेट छपवाकर वितरण किया गया था। इन पाम्पलेट्स में खुले दूध को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया गया था, जिसे लेकर रायपुर, भाटापारा-बलौदाबाजार सहित कई जिलों में सर्व यादव समाज ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था। समाज की ओर से प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी, साथ ही दो दिन के भीतर सार्वजनिक माफी नहीं मांगने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई थी।
चेतावनी के अगले ही दिन डेयरी कंपनी के मैनेजर मिश्रा, कश्यप और द्रोन ने गुरुवार शाम भाटापारा में सर्व यादव समाज के प्रदेश अध्यक्ष रमेश यदु सहित समाज के अन्य पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान मैनेजरों ने खुला दूध को लेकर किए गए दुष्प्रचार के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी।

मैनेजरों ने स्पष्ट किया कि पाम्पलेट छपवाने का उद्देश्य नकली पनीर की बिक्री को रोकना था, लेकिन गलती से पाम्पलेट में खुला दूध का उल्लेख हो गया। उन्होंने भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने का भरोसा दिलाया। इसके बाद यादव समाज ने आंदोलन और कार्रवाई की मांग को फिलहाल वापस ले लिया है।
