Bilaspur Operator Transfer: बिलासपुर जिले में धान खरीदी में गड़बड़ी की शिकायतों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिला प्रशासन ने सभी 140 धान खरीदी केंद्रों में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों का व्यापक स्तर पर ट्रांसफर कर दिया है। अब कोई भी ऑपरेटर अपने पुराने केंद्र पर काम नहीं करेगा। इस आदेश के बाद समितियों में हड़कंप की स्थिति है।

रीफ सीजन 2025-26 शुरू होने से पहले ऑपरेटरों की हड़ताल से खरीदी व्यवस्था प्रभावित होने लगी थी। स्थिति संभालने के लिए प्रशासन ने आउटसोर्सिंग से अस्थायी ऑपरेटर लगाए ताकि किसानों का काम न रुके। बाद में हड़ताल खत्म हुई और ऑपरेटर लौट आए। लेकिन इसी दौरान शिकायतें तेज होती रहीं-कई केंद्रों में तौल, भुगतान रजिस्ट्रेशन और ऑनलाइन एंट्री में गड़बड़ियों की बात सामने आई।
मिलीभगत और पक्षपात की संभावनाएं खत्म
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने फैसला किया कि खरीदी को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए सभी ऑपरेटरों को नए केंद्रों में भेजा जाए। अब हर ऑपरेटर को किसी दूसरे केंद्र में नई जिम्मेदारी मिलेगी। इससे स्थानीय सेटिंग, मिलीभगत और पक्षपात की संभावनाएं खत्म होंगी।

धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं होगी
प्रशासन का दावा है कि इससे डेटा एंट्री, तौल पर्ची, भुगतान और स्टॉक मिलान जैसी प्रक्रियाएं और ज्यादा साफ, सुरक्षित और निष्पक्ष होंगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसानों के साथ किसी भी तरह की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खरीदी केंद्रों की निगरानी और कड़ी की जाएगीअचानक निरीक्षण भी किए जाएंगेजिला खाद्य अधिकारी अमृत कुजूर ने बताया कि कई समितियों से लगातार शिकायतें आ रही थीं, इसलिए लगभग सभी ऑपरेटरों को बदलने का निर्णय लिया गया है।
