Bilaspur News: छत्तीसगढ़ में तहसीलदार और नायब तहसीलदारों की 17 सूत्रीय मांगों को लेकर जारी हड़ताल (Chhattisgarh Tehsildar Strike) का असर अब आम जनता पर साफ दिखने लगा है। पिछले आठ दिनों से कामकाज ठप होने के कारण स्कूल और कॉलेजों में दाखिले के लिए जरूरी जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे थे। इस संकट को देखते हुए बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बड़ा निर्णय लिया है।
SLR को सौंपी गई तहसीलों की जिम्मेदारी (SLR Administrative Order)
कलेक्टर ने जिले की सभी तहसीलों और उप-तहसीलों का प्रशासनिक प्रभार सुपरिंटेंडेंट लैंड रिकॉर्ड (SLR) को सौंप दिया है। अब SLR विद्यार्थी और आम जनता के लिए जरूरी प्रमाण पत्र बनाकर राहत देंगे।

प्रशासनिक और दंडाधिकारी की शक्तियां भी दी गईं (CG Tehsildar Strike 2025)
आदेश के अनुसार SLR न केवल प्रमाण पत्र जारी करेंगे, बल्कि उन्हें कार्यपालिक दंडाधिकारी की शक्तियां भी दी गई हैं। अब वे धारा 151, 107, 116 के तहत शांति भंग के मामलों में कार्रवाई, मर्ग-पंचनामा और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों की सुनवाई कर सकेंगे।
राजस्व न्यायालय के अधिकार नहीं दिए गए
हालांकि, SLR को नामांतरण, सीमांकन, बटांकन जैसे राजस्व न्यायालय संबंधी कार्यों का अधिकार नहीं दिया गया है। यह व्यवस्था सिर्फ आवश्यक प्रशासनिक कामकाज को सुचारु रखने के लिए है।
इन अधिकारियों को मिली तहसीलों का चार्ज
- पंकज सिंह – सकरी, गनियारी, सकर्रा, तखतपुर
- अप्रतिम पाण्डेय – कोटा, बेलगहना, रतनपुर
- जवाहर सिंह उरांव – बिल्हा, बोदरी
- परमानंद पैकरा – मस्तूरी, सीपत, पचपेड़ी
- खिलेन्द्र सिंह यादव – बिलासपुर, बेलतरा
