Chhattisgarh Tehsildar Strike 2025 : प्रदेश भर में चल रही तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की हड़ताल का असर अब राजस्व व्यवस्था पर पूरी तरह दिखाई देने लगा है। राजस्व न्यायालयों और तहसीलों में 20,000 से अधिक फाइलें लंबित हो गई हैं। कई महत्वपूर्ण प्रकरणों में निर्णय अटका हुआ है, जिससे छात्रों से लेकर आम जनता तक को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रमाण पत्रों के लिए छात्र भटक रहे (CG Tehsildar Strike 2025)
शैक्षणिक सत्र चालू होने के कारण छात्रों को आय, जाति और निवास प्रमाण पत्रों की अत्यधिक जरूरत है। मगर तहसील कार्यालयों में हड़ताल के चलते दस्तखत और स्वीकृति नहीं मिल पा रही, जिससे छात्रों के भविष्य से जुड़ी प्रक्रियाएं अटक गई हैं। कई छात्रों को प्रमाण पत्र समय सीमा में जमा करना जरूरी है, लेकिन तहसीलों से उन्हें निराशा ही मिल रही है।

राजस्व न्यायालयों में भी कार्य प्रभावित (Revenue Court Pending Cases)
धारा 115 के तहत त्रुटि सुधार, फौती नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, और भूमि संबंधी विवादों जैसे मामलों की सुनवाई ठप है। राजस्व कोर्ट में फैसले नहीं हो पा रहे, जिससे किसानों, भूमिधारकों और खरीदारों को नुकसान हो रहा है। हालांकि रजिस्ट्री कार्य पर अपेक्षाकृत कम असर पड़ा है, मगर अन्य भूमि प्रकरणों में निर्णय ठंडे बस्ते में चले गए हैं।
अन्य सेवाएं भी रुकीं
नक्शा-नकल, शोध क्षमता प्रमाण पत्र, बैंकों की वसूली, और आवासीय योजनाओं से संबंधित दस्तावेज भी अटके हुए हैं। तहसीलदार और नायब तहसीलदारों की अनुमोदन और आदेश के बिना ये कार्य प्रक्रिया में आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।
हर दिन बढ़ रही लंबित फाइलें
पूरे प्रदेश में हर स्तर पर लंबित प्रकरणों की संख्या 20,000 पार कर चुकी है। हड़ताल जारी रहने के कारण रोजाना नई फाइलें जुड़ रही हैं, जिससे व्यवस्था अशांत और अव्यवस्थित होती जा रही है।
