Chhattisgarh Budget 2025 : छत्तीसगढ़ में बजट पेश होते ही सियासी पारा चढ़ गया है। जहां सत्तापक्ष इसे ऐतिहासिक और विकासपरक बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे ‘दुर्गति का बजट’ बातअ रहे हैं।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को साय सरकार ने 1.65 लाख करोड़ रुपये का 25वां बजट पेश किया। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अपने लंबे बजट भाषण में विभिन्न योजनाओं और क्षेत्रों के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। इस बजट पर सत्तापक्ष जहां इसे राज्य के विकास और जनता के हित में बताया, वहीं विपक्ष ने इसे जमकर आड़े हाथों लिया।
‘दुर्गति का बजट’ – भूपेश बघेल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल घेल ने बजट को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे ‘सिंगल माइक पॉडकास्ट’ करार देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “ये बजट भाषण था या किसी कवि सम्मेलन की भूमिका? इसमें जनता के लिए कोई राहत नहीं है। यह बजट नहीं, छत्तीसगढ़ की दुर्गति का दस्तावेज है।” बघेल ने बजट को शब्दजाल बताते हुए इसे जमीनी हकीकत से कोसों दूर बताया।
‘विनाश का बजट’ – दीपक बैज

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने बजट पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे “छत्तीसगढ़ के विनाश का बजट” कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बजट से लोगों की आमदनी घटेगी, महंगाई बढ़ेगी और गरीब और गरीब होंगे। बैज ने सरकार पर केवल आंकड़ों का खेल दिखाने का आरोप लगाया।
‘ऊंची दुकान, फीका पकवान’ – अमरजीत भगत
वहीं, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने भी बजट की आलोचना करते हुए इसे “ऊंची दुकान, फीका पकवान” कहा। भगत ने तंज कसते हुए कहा कि, “यह बजट धरातल की सच्चाई से बहुत दूर है। साल भर में कोई ठोस काम नहीं हुआ और अब सिर्फ लोगों की आंखों में धूल झोंकने वाली बातें की जा रही हैं।”
