रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन आज सदन में जल जीवन मिशन को लेकर तीखी बहस और भारी हंगामा देखने को मिला। प्रश्नकाल के दौरान भाजपा और कांग्रेस के विधायकों के बीच तू-तू-मैं-मैं इतनी बढ़ गई कि मामला सदन की गरिमा को लांघता दिखा।

चंद्राकर-देवेंद्र यादव में गर्मा-गर्मी, स्पीकर ने लगाई फटकार
सवाल-जवाब के क्रम में भाजपा विधायक अजय चंद्राकर और कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को हस्तक्षेप करना पड़ा।

डॉ. रमन सिंह ने स्पष्ट कहा –”विधानसभा सड़क नहीं है, जो यहां आकर कोई भी कुछ भी बोले। आसंदी की मर्यादा का पालन जरूरी है। आपस में देखकर नहीं, आसंदी की ओर देखकर बात करें।”

स्पीकर ने दोनों नेताओं को फटकार लगाते हुए कहा कि प्रश्नकाल में शालीनता बनी रहनी चाहिए क्योंकि “पूरा देश छत्तीसगढ़ की कार्यवाही को देखता है।”
भूपेश बघेल बोले– आंकड़े गलत, साव का पलटवार– आपने बिना पानी के लगाए नल टोटियां
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन में सिर्फ 57 प्रतिशत लक्ष्य ही हासिल हो पाया है, जबकि सरकार ने 3,500 करोड़ रुपए खर्च कर दिए।

इस पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पलटवार करते हुए कहा- “अगर आपकी सरकार ने समय पर काम किया होता, तो आज हालात अलग होते। आपने तो नलों में पानी दिए बिना टोटियां लगा दी थीं।”
