रायपुर : आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान बेचना है तो छत्तीसगढ़ के किसानों को एग्रीस्टेक पोर्टल में फार्मर आईडी पंजीयन अनिवार्य रूप से कराना होगा। राज्य शासन ने निर्देश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि बिना पंजीयन के किसान न तो सोसाइटी में धान बेच पाएंगे, और न ही पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का लाभ ले सकेंगे। इस प्रक्रिया की अंतिम तिथि 30 अगस्त 2025 तय की गई है।
अब तक सिर्फ 63% किसानों ने कराया पंजीयन
पिछले साल 2024-25 में जहां 1.37 लाख किसानों ने पंजीयन कराया था, वहीं इस साल अब तक केवल 86,983 किसान ही फार्मर आईडी बनवा सके हैं। पीएम किसान सम्मान निधि योजना में पंजीकृत 1.55 लाख किसानों में से केवल 43.68 प्रतिशत ने ही एग्रीस्टेक पोर्टल में रजिस्ट्रेशन करवाया है। इससे साफ है कि अब भी बड़ी संख्या में किसान इस प्रक्रिया से वंचित हैं।
क्या है एग्रीस्टेक पोर्टल?
एग्रीस्टेक पोर्टल भारत सरकार की एक डिजिटल पहल है, जिसका उद्देश्य किसानों के भू-अभिलेख, फसल विवरण, बीमा और वित्तीय जानकारी को एक प्लेटफॉर्म पर लाना है। यह पूरी प्रक्रिया ई-केवाईसी आधारित है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है। किसान अपना पंजीयन कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या सहकारी समिति के माध्यम से कर सकते हैं।
किन दस्तावेजों की जरूरत होगी?
- भूमि का बी-1 दस्तावेज
- ऋण पुस्तिका
- आधार कार्ड
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर
पंजीकरण के बाद किसान को एक 11 अंकों की यूनिक फार्मर आईडी दी जाएगी, जो सभी सरकारी योजनाओं में मान्य होगी।
धान खरीदी अब सीधे एग्रीस्टेक डेटा से
राज्य सरकार ने कृषि, खाद्य और राजस्व विभाग के बीच समन्वय बनाकर प्रक्रिया को और सख्त कर दिया है। खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी के लिए किसानों का डेटा एग्रीस्टेक रजिस्ट्री से API के जरिए लिया जाएगा, जिससे केवल वैध पंजीकृत किसान ही धान बेच सकें।
समय रहते करें पंजीयन, वरना नुकसान तय
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि 30 अगस्त की अंतिम तिथि से पहले सभी किसान फार्मर आईडी पंजीयन करा लें, ताकि उन्हें समर्थन मूल्य, धान बिक्री और पीएम किसान सम्मान निधि जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ मिलता रहे।
