Jagannath Rath Yatra 7 July 2025 : पुरी में आज से शुरू हुई भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा; श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब

Jagannath Rath Yatra 7 July 2025 : उड़ीसा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक और भव्य रथ यात्रा का आज (27 जून) शुभारंभ हो गया है। रथ यात्रा के पहले ही दिन श्रद्धा और आस्था की नगरी में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु इस पावन अवसर पर भगवान के दर्शन के लिए पुरी पहुंचे हैं। यह यात्रा 12 दिनों तक चलेगी और 8 जुलाई को ‘नीलाद्रि विजय’ के साथ संपन्न होगी, जब भगवान अपने मूल मंदिर में लौटेंगे।

 

यह रथ यात्रा हर वर्ष आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को श्री जगन्नाथ मंदिर से प्रारंभ होकर करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित गुंडिचा मंदिर तक जाती है। मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ वर्ष में एक बार अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के साथ अपनी मौसी के घर यानी गुंडिचा मंदिर पधारते हैं। यात्रा के दौरान तीनों देवताओं को अलग-अलग रथों में विराजमान कर भक्तगण खींचते हैं, जिसे ‘रथ खींचना’ अत्यंत पुण्यदायक माना जाता है।

 

‘नबाजौबन दर्शन’ ने दी भक्ति को नई ऊंचाई

 

रथ यात्रा से एक दिन पहले यानी गुरुवार को श्रद्धालुओं ने ‘नबाजौबन दर्शन’ का दुर्लभ लाभ उठाया। स्नान पूर्णिमा (11 जून) को भगवान जगन्नाथ को पवित्र जल से स्नान कराए जाने के बाद वे ‘बीमार’ माने जाते हैं। इस दौरान आम दर्शन पर 15 दिनों के लिए रोक लगा दी जाती है। भगवान जगन्नाथ इस समय ‘अनासर’ में रहते हैं। इसके बाद रथ यात्रा के ठीक एक दिन पूर्व भगवान ‘युवा स्वरूप’ में प्रकट होते हैं। इसी विशेष दिन को ‘नेत्र उत्सव’ कहा जाता है, जब भगवान की आंखों की सज्जा भी होती है।

 

गुरुवार सुबह 8 बजे से 10:30 बजे तक मंदिर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोला गया था। भक्तों ने विशेष ‘नबाजौबन बेशा’ में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के दर्शन किए। यह दृश्य भक्तों के लिए अत्यंत भावुक और दिव्य अनुभूति से भरा रहा।

 

रथ सजकर तैयार, आज खींचे जाएंगे रथ

 

मंदिर परिसर में भगवानों के तीनों रथ पहले ही ‘रथ खड़ा’ से ग्रैंड रोड पर लाकर खड़े कर दिए गए हैं। विशाल और भव्य रथों को खींचने के लिए लाखों श्रद्धालु बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। रथ खींचने की यह परंपरा, लोक और धर्म का अद्वितीय संगम मानी जाती है।

 

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

 

इतनी विशाल जनसंख्या को संभालने के लिए सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद सख्त रखी गई है। ओडिशा पुलिस, सीएपीएफ और एनएसजी कमांडो सहित करीब 10,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। पहली बार एनएसजी कमांडो को भी इस पर्व की सुरक्षा में लगाया गया है। इसके अलावा 275 एआई-सक्षम कैमरे लगाए गए हैं, जो हर गतिविधि पर नजर रखेंगे।

 

राज्य के डीजीपी वाई बी खुरानिया ने बताया कि भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक नियंत्रण, स्वास्थ्य सेवाएं और आपातकालीन व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं। गुंडिचा मंदिर और आसपास के इलाकों में भी सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू है, जहां देवताओं के रथ एक सप्ताह तक विश्राम करेंगे। तटीय सुरक्षा के लिए समुद्री पुलिस, कोस्ट गार्ड और नौसेना को भी अलर्ट पर रखा गया है।

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