CG Cyber Crime: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और इनसे बचाव का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता, सतर्कता और जनभागीदारी है। साइबर सुरक्षा केवल पुलिस या सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि साइबर जागरूकता को जनआंदोलन का रूप देकर ही साइबर ठगी और डिजिटल अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित ‘साइबर जागृति अभियान एवं ट्रैफिक हैकाथॉन-2026’ के अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे।\
डिजिटल सुविधा के साथ बढ़ी साइबर अपराध की चुनौती
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया अभियान ने लोगों का जीवन आसान बनाया है। आज गांवों तक डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन सेवाएं पहुंच चुकी हैं। हालांकि, इसके साथ साइबर ठगी और ऑनलाइन अपराधों के मामले भी बढ़े हैं। ऐसे में हर नागरिक को साइबर अपराध के तरीकों और उससे बचने के उपायों की जानकारी होना जरूरी है।
सात सप्ताह में 1.70 करोड़ लोगों तक पहुंचा अभियान
मुख्यमंत्री ने बताया कि 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलाए गए साइबर जागृति अभियान के तहत प्रदेशभर में 5 लाख से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। करीब 5 लाख लोगों ने सेल्फी अभियान में हिस्सा लिया और लगभग 1 करोड़ 70 लाख लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया।
उन्होंने कहा कि यह अभियान समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि आगे भी लगातार जारी रहेगा और लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा।
युवाओं के सुझावों से सुधरेगी ट्रैफिक व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 की सराहना करते हुए कहा कि रायपुर में बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए तकनीक और नवाचार की जरूरत है। विद्यार्थियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने यातायात सुधार के लिए कई व्यावहारिक सुझाव दिए हैं, जिन पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रही बस सेवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के माध्यम से दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिन मार्गों पर पहले बसें नहीं चलती थीं, वहां अब 100 से अधिक बसों का संचालन हो रहा है। इससे ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए आवागमन में बड़ी सुविधा मिली है।
साइबर सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन का करें उपयोग
अभियान के दौरान नागरिकों को ओटीपी और पासवर्ड साझा नहीं करने, संदिग्ध लिंक से बचने, फर्जी निवेश योजनाओं से सतर्क रहने और डिजिटल अरेस्ट जैसी साइबर ठगी से बचने के तरीके बताए गए। साथ ही साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई।
सोशल मीडिया से करोड़ों लोगों तक पहुंचा संदेश
साइबर जागृति अभियान के दौरान फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स, यूट्यूब और व्हाट्सऐप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 3,100 से अधिक जागरूकता पोस्ट साझा की गईं, जिन्हें 6.02 करोड़ से अधिक बार देखा गया। विभिन्न जिलों में ग्राम सभाओं, स्कूलों, कॉलेजों और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से भी बड़ी संख्या में लोगों को साइबर सुरक्षा की जानकारी दी गई।



