Ganesh Chaturthi 2026: रायपुर में बांस, दाल और धूप-अगरबत्ती से बनी मूर्तियां, कीमत उड़ा देगी होश!

Ganesh Chaturthi 2026: गणेशोत्सव से पहले रायपुर में इस बार अलग-अलग थीम पर भगवान गणेश की खास मूर्तियां तैयार की जा रही हैं। मूर्तिकार लोगों की पसंद और उनके सुझावों के अनुसार अनोखी प्रतिमाएं बना रहे हैं। इनमें बांस, पूजा सामग्री, मोती, दाल और धूप-अगरबत्ती जैसी चीजों से तैयार की गई मूर्तियां शामिल हैं। कुछ प्रतिमाओं को बनाने में करीब तीन महीने तक का समय लगा है।

Ganesh Chaturthi 2026: गणेशोत्सव से पहले रायपुर में इस बार अलग-अलग थीम पर भगवान गणेश की खास मूर्तियां तैयार की जा रही हैं। मूर्तिकार लोगों की पसंद और उनके सुझावों के अनुसार अनोखी प्रतिमाएं बना रहे हैं। इनमें बांस, पूजा सामग्री, मोती, दाल और धूप-अगरबत्ती जैसी चीजों से तैयार की गई मूर्तियां शामिल हैं। कुछ प्रतिमाओं को बनाने में करीब तीन महीने तक का समय लगा है।

रायपुरा निवासी राहुल यादव का परिवार पिछले करीब 30 सालों से गणेश मूर्तियां बनाने का काम कर रहा है। इस बार उनके द्वारा बांस से बनी गणेश प्रतिमा के साथ पूजा सामग्री और धूप-अगरबत्ती से तैयार मूर्तियां भी बनाई जा रही हैं।

राहुल यादव ने बताया कि ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार थीम और डिजाइन बताते हैं। इसके बाद उसमें अपनी रचनात्मकता जोड़कर मूर्ति तैयार की जाती है। खास डिजाइन वाली इन प्रतिमाओं के लिए लोग पहले से ही ऑर्डर दे देते हैं।

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बांस से बनी गणेश प्रतिमा

मूर्तिकार के अनुसार बांस से तैयार गणेश प्रतिमा में मिट्टी का इस्तेमाल नहीं किया गया है। इसे लकड़ी और कागज की मदद से बनाया गया है। इस प्रतिमा को तैयार करने में करीब तीन महीने का समय लगा है।

बांस को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर एक-एक करके जोड़ा गया है। बांस की ऊपरी परत हटाकर उसे सही आकार दिया गया है। इस प्रतिमा को बनाने में करीब 40 से 50 हजार रुपए की लागत आई है। ऐसी मूर्तियां सीमित संख्या में और पहले से मिले ऑर्डर के आधार पर तैयार की जाती हैं।

पूजा सामग्री से तैयार की गई मूर्ति

राहुल यादव ने बताया कि एक गणेश प्रतिमा को पूजा सामग्री से तैयार किया गया है। इसमें नारियल की जूट से मूर्ति का आधार बनाया गया है। वहीं जनेऊ, कमल गट्टे की माला, रुद्राक्ष, मौली धागा और मोतियों का उपयोग सजावट के लिए किया गया है। मोतियों से तैयार की गई मूर्तियां घर में स्थापना और उपहार देने के लिए भी लोगों को पसंद आ रही हैं।

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धूप-अगरबत्ती से बनी 12 फीट की मूर्ति

इस बार धूप-अगरबत्ती से भी एक खास गणेश प्रतिमा तैयार की गई है। करीब 12 फीट ऊंची इस मूर्ति को बनाने में तीन महीने का समय लगा है। इसमें अलग-अलग रंग की धूप की लकड़ियों का इस्तेमाल किया गया है।

गीली धूप से फूल, माला और अन्य सजावटी आकृतियां तैयार की गई हैं। मूर्तिकार ने बताया कि इस तरह की प्रतिमाएं मिट्टी की तुलना में हल्की होती हैं, जिससे इन्हें बनाना और स्थान बदलना आसान होता है।

मसूर दाल, चना और भुट्टे से भी बनाई गणेश प्रतिमा

राहुल यादव ने खाने की सामग्री से भी एक अनोखी गणेश प्रतिमा तैयार की है। इसमें मसूर दाल, चना और भुट्टे का इस्तेमाल किया गया है। अलग-अलग खाद्य सामग्री को सजाकर गणेश प्रतिमा का आकार दिया गया है।

 

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