रायपुर। Thiha Breaking : ठीहा छत्तीसगढ़ न्यूज़ की खबर का एक बार फिर बड़ा असर देखने को मिला है। बीते दिनों हमने आपको एक खबर दिखाई थी, जिसमें राजधानी रायपुर के सबसे बड़े मेकाहारा अस्पताल डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के मुख्य बोर्ड की एक बड़ी लापरवाही सामने आई थी। अस्पताल के मुख्य गेट पर लगा बोर्ड इस तरह से टूट गया था कि वहां संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का नाम आधा-अधूरा ही बचा था।

हालात ऐसे थे कि लोग उसे ‘भीमराव’ की जगह ‘मराव अस्पताल’ पढ़ रहे थे। देश के इतने बड़े महापुरुष का ऐसा अपमान किसी को भी अच्छा नहीं लग रहा था।हमारी इस खबर के चलते ही प्रशासन और समाज में बड़ी हलचल हुई। खबर देखने के तुरंत बाद रायपुर के कुछ जागरूक युवा रात को ही अस्पताल परिसर पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद सीएमओ (CMO) से सीधे इस विषय पर बात की।

युवाओं की जागरूकता और हमारी खबर के दबाव का ही नतीजा था कि अस्पताल प्रबंधन तुरंत हरकत में आया। रात में ही अस्पताल के स्टाफ ने युवाओं के साथ मिलकर बोर्ड के उस टूटे हुए हिस्से को सफेद कपड़े से अच्छी तरह ढंक दिया, ताकि महापुरुष का और अनादर न हो। अब इस पूरे मामले में एक और अच्छी खबर सामने आई है।

अस्पताल प्रबंधन ने अपनी गलती को मानते हुए साफ़ तौर पर भरोसा दिलाया था कि अगले 2 दिनों के भीतर इस मुख्य बोर्ड को पूरी तरह से नया बनाकर ठीक कर दिया जाएगा। लिहाजा ये देखने को मिला की बोर्ड अब सुधर चुका है, लेकिन बोर्ड सुधरा उतना काफी नहीं है. जरुरी है की स्वास्थ्य व्यवस्था भी सुधरे.
