CG Fake Currency: नकली नोट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 1 महीने में छापे 12.50 लाख के जाली नोट; 3 गिरफ्तार

CG Fake Currency: कवर्धा में 3.75 लाख रुपए की पुरानी उधारी चुकाने के लिए जाली नोट छापने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 12.50 लाख रुपए के नकली नोट, एक टाटा पंच ईवी कार, कलर प्रिंटर और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।

CG Fake Currency: कवर्धा में 3.75 लाख रुपए की पुरानी उधारी चुकाने के लिए जाली नोट छापने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 12.50 लाख रुपए के नकली नोट, एक टाटा पंच ईवी कार, कलर प्रिंटर और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।

4.50 लाख के नकली नोट

जानकारी के अनुसार, अप्रैल 2026 में आरोपी घुरवा राम ने ग्राम कमरा खोल निवासी दिनेश यादव से 3.75 लाख रुपए उधार लिए थे। जब दिनेश ने अपनी रकम वापस मांगी तो 9 अगस्त की रात पोंडी स्थित शराब दुकान के पास आरोपी ने अपने साथी सतीश कुमार के जरिए ब्याज सहित 4.50 लाख रुपए के नकली नोट काले बैग में देकर उधारी चुकाने की कोशिश की। नोटों के कागज और रंग पर शक होने पर दिनेश ने पोंडी चौकी में शिकायत दर्ज कराई।

1 महीने में छापे 12.50 लाख के जाली नोट

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने 13 जुलाई को एक कलर प्रिंटर खरीदा था। इसके बाद कवर्धा के नए बस स्टैंड के पास किराए पर कमरा लेकर महज एक महीने में 100, 200 और 500 रुपए के कुल 12.50 लाख रुपए के नकली नोट तैयार कर लिए। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी घुरवा राम, सतीश कुमार और रामप्रसाद उर्फ रमऊ को गिरफ्तार कर लिया। तीनों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।

तीनों आरोपियों की थी अलग-अलग भूमिका

पुलिस जांच में पता चला कि रामप्रसाद ने किराए पर कमरा लिया और जाली नोट छापने के लिए प्रिंटर की व्यवस्था की। रामप्रसाद और घुरवा राम मिलकर नकली नोट तैयार करते थे। वहीं सतीश कुमार और रामप्रसाद जाली नोटों को लोगों तक पहुंचाने का काम करते थे। 9 अगस्त की रात भी दोनों उधारी चुकाने के बहाने 4.50 लाख रुपए के नकली नोट लेकर पहुंचे थे।

फॉरेंसिक जांच से होगा बड़ा खुलासा

पुलिस अब जब्त किए गए कलर प्रिंटर को रायपुर की साइबर फॉरेंसिक लैब भेजने की तैयारी कर रही है। प्रिंटर की मेमोरी, प्रिंट रिकॉर्ड, टोनर और अन्य तकनीकी जानकारी की जांच की जाएगी। इससे यह पता लगाया जाएगा कि आरोपियों ने 12.50 लाख रुपए से अधिक के नकली नोट भी छापे थे या नहीं।

 

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