Bilaspur Accident: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्ट्रीट लाइट लगाने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। लोहे का पोल ऊपर से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया, जिससे एक महिला सहित पांच मजदूर करंट की चपेट में आकर झुलस गए। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रारंभिक जानकारी में ठेकेदार की लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि मजदूरों से बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के काम कराया जा रहा था। मामला सिरगिट्टी थाना क्षेत्र का है।
पोल लगाते समय हाईटेंशन लाइन से टकराया खंभा
जानकारी के अनुसार नगर निगम के वार्ड क्रमांक 11 स्थित आदर्श नगर पानी टंकी के पास स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य चल रहा था। शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे मजदूर लोहे का पोल खड़ा कर रहे थे। इसी दौरान पोल ऊपर से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया। बिजली का करंट पूरे पोल में फैल गया और उसे पकड़कर खड़े मजदूर इसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
MP के रहने वाले हैं घायल मजदूर
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने डायल-112 और पुलिस को सूचना दी। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों की पहचान मध्यप्रदेश के मंडला जिले के दीपक यादव (30), मुकेश कुमार (38), सेवाराम (24), प्रहलाद चौरसिया (45) और जयंती धुर्वे के रूप में हुई है। सभी ठेकेदार के माध्यम से स्ट्रीट लाइट लगाने के कार्य में लगे हुए थे।
ठेकेदार बिना सुरक्षा उपकरण के करवा रहे थे काम
जानकारी के अनुसार मजदूरों के पास पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और सेफ्टी गियर नहीं थे। वहीं हाईटेंशन लाइन के नीचे काम के दौरान आवश्यक सुरक्षा मानकों का भी पालन नहीं किया गया। नियमों के अनुसार ऐसे कार्य से पहले बिजली आपूर्ति बंद कराई जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इससे ठेकेदार और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
हाईटेंशन लाइन के नीचे कार्य होने की स्थिति में बिजली विभाग से लाइन बंद कराने, सुरक्षा बैरिकेडिंग कराने और प्रशिक्षित सुपरवाइजर की मौजूदगी सुनिश्चित करना आवश्यक होता है। इन नियमों का पालन किया गया या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। हादसे के बाद नगर निगम, बिजली विभाग और ठेकेदार की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
CSP सिविल लाइन निमितेश सिंह ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में यदि किसी अधिकारी, ठेकेदार या संबंधित एजेंसी की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।





