CG Ration: छत्तीसगढ़ सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता लाने और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए राशन वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब प्रदेश की राशन दुकानों से ओटीपी (OTP) के माध्यम से राशन वितरण पूरी तरह बंद कर दिया गया है। राशन प्राप्त करने के लिए हितग्राहियों को अनिवार्य रूप से बायोमेट्रिक सत्यापन कराना होगा।
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खाद्य विभाग के निर्देशों के अनुसार अब राशन तभी दिया जाएगा, जब लाभार्थी स्वयं उपस्थित होकर आधार आधारित फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन कराएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ओटीपी के जरिए राशन वितरण की सुविधा समाप्त कर दी गई है।
फर्जीवाड़े की शिकायतों के बाद लिया गया फैसला
खाद्य विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई स्थानों पर ओटीपी आधारित व्यवस्था का दुरुपयोग किया जा रहा है। कुछ मामलों में हितग्राहियों के मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी का उपयोग कर फर्जी तरीके से राशन निकाला जा रहा था और सरकारी चावल सहित अन्य खाद्यान्नों की अवैध बिक्री की जा रही थी। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने नई व्यवस्था लागू की है।
क्या है नई गाइडलाइन?
नई गाइडलाइन के तहत जिन राशन कार्डधारकों का ई-केवाईसी (e-KYC) पूरा हो चुका है, उन्हें केवल आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही राशन मिलेगा। यदि कोई व्यक्ति नामांकित सदस्य (Nominee) के माध्यम से राशन प्राप्त करता है, तो उसे भी बायोमेट्रिक सत्यापन कराना अनिवार्य होगा।
इन हितग्राहियों को मिलेगी विशेष छूट
सरकार ने कुछ विशेष परिस्थितियों में सीमित छूट का प्रावधान रखा है। 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक, 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे, एकल निराश्रित व्यक्ति तथा दिव्यांग हितग्राहियों को आवश्यकता पड़ने पर ओटीपी आधारित सुविधा सीमित रूप से उपलब्ध कराई जा सकती है।
नियम तोड़ने पर FIR
खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था का उल्लंघन करने वाले राशन दुकान संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अनियमितता पाए जाने पर FIR दर्ज करने सहित अन्य कानूनी कदम भी उठाए जाएंगे।



