CG Fake Mangalsutra: छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत दिए गए मंगलसूत्रों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नवविवाहिताओं और उनके परिजनों ने आरोप लगाया है कि सामूहिक विवाह समारोह में दिए गए मंगलसूत्र कुछ ही दिनों में काले पड़ गए। जांच कराने पर इनमें चांदी की जगह गिलट होने की बात सामने आई है। शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। (कन्या विवाह नकली मंगलसूत्र मामला)![]()
189 जोड़ों का हुआ था सामूहिक विवाह
जानकारी के अनुसार खड़गवां ब्लॉक के चनवारीडांड में 10 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 189 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया गया था। योजना के अंतर्गत दुल्हनों को मंगलसूत्र सहित अन्य उपहार प्रदान किए गए थे। (कन्या विवाह योजना मंगलसूत्र विवाद)
हालांकि विवाह के कुछ समय बाद कई नवविवाहिताओं ने शिकायत की कि उनके मंगलसूत्र का रंग काला पड़ने लगा। इसके बाद जब गहनों की जांच कराई गई तो कथित तौर पर उनमें चांदी के बजाय गिलट का उपयोग पाया गया।
नवविवाहिताओं ने जताई नाराजगी (MCB Fake Mangalsutra Case)
प्रभावित महिलाओं ने मामले को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि गरीब परिवारों की बेटियों के लिए संचालित योजना में इस तरह की लापरवाही गंभीर है। उनका कहना है कि सरकार की ओर से दिए गए मंगलसूत्र की गुणवत्ता अपेक्षित स्तर की नहीं निकली।
नवविवाहिता संजना दयाल ने बताया कि विवाह के दौरान मिला मंगलसूत्र कुछ ही दिनों में काला पड़ गया। जांच कराने पर इसके असली चांदी का नहीं होने की जानकारी मिली। उन्होंने योजना के तहत वितरित सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं।
नया मंगलसूत्र खरीदने के लिए राशि की मांग
नवविवाहिताओं ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें नकली मंगलसूत्र के बदले आर्थिक सहायता या राशि दी जाए, ताकि वे नया मंगलसूत्र खरीद सकें। उनका कहना है कि योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों की मदद करना है, इसलिए गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
मामला सामने आने के बाद कलेक्टर ने इसकी जांच के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन पूरे प्रकरण की जांच कर यह पता लगाएगा कि मंगलसूत्रों की खरीदी और वितरण प्रक्रिया में कहीं कोई अनियमितता तो नहीं हुई।
कांग्रेस के पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े मामलों में पहले भी अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।



