Mahtari Vandan Yojana: छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के तहत ई-केवाईसी अनिवार्य किए जाने के बाद लाभार्थी महिलाओं, खासकर बुजुर्गों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ई-केवाईसी नहीं होने पर योजना की राशि रोकी जा रही है, जिससे बड़ी संख्या में महिलाएं च्वाइस सेंटरों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्ग महिलाओं को हो रही है। आंखों की पुतली स्कैन के बाद जब फिंगरप्रिंट लिया जाता है, तो उम्र के कारण उंगलियों के निशान हल्के पड़ जाने से मशीन फिंगरप्रिंट कैप्चर नहीं कर पा रही है। कई मामलों में 15-20 मिनट तक प्रयास के बाद भी फिंगरप्रिंट मैच नहीं हो रहा और महिलाओं को अगले दिन फिर आने के लिए कहा जा रहा है।
प्रदेश सरकार की इस योजना के तहत करीब 69 लाख महिलाओं को हर महीने 1000 रुपए की सहायता राशि दी जा रही है, लेकिन ई-केवाईसी की बाधा के चलते कई महिलाएं इस लाभ से वंचित हो रही हैं। ई-केवाईसी के लिए शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक च्वाइस सेंटरों में भीड़ बढ़ गई है। कई गांवों में सर्वर ठप होने और नेटवर्क की समस्या के कारण महिलाओं को दूसरे गांवों में जाकर प्रक्रिया पूरी करनी पड़ रही है।
45 हजार महिलाओं को नहीं मिली राशि
जानकारी के अनुसार, पिछले महीने ई-केवाईसी अपडेट नहीं होने के कारण करीब 45 हजार महिलाओं को योजना की राशि नहीं मिल पाई थी। इससे पहले भी लगभग 2 लाख महिलाएं भुगतान से वंचित रह चुकी हैं। हालांकि, जैसे-जैसे महिलाएं ई-केवाईसी अपडेट करा रही हैं, उनके खातों में राशि पहुंचने लगी है।
वहीं, नए हितग्राहियों के लिए अब तक पंजीयन पोर्टल नहीं खोला गया है। योजना की शुरुआत के समय सरकार ने इसे सतत प्रक्रिया बताया था, लेकिन फिलहाल केवल अपात्र हितग्राहियों के नाम हटाए जा रहे हैं, जबकि नए पात्र लोगों को जोड़ने का काम नहीं हो रहा है। इससे नए लाभार्थियों में नाराजगी बढ़ रही है।



