CG Private School Rules: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश झा की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में निजी स्कूलों की मनमानी पर सख्त रुख अपनाया गया। पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में हुई इस बैठक में शिक्षा सत्र 2026-27 के सुचारू संचालन के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए।
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि कोई भी निजी स्कूल अभिभावकों को किसी निश्चित दुकान से किताबें, कॉपियां या ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य नहीं करेगा। स्कूलों का संचालन और फीस निर्धारण पूरी तरह शासन की गाइडलाइन के अनुसार ही किया जाएगा।
बैठक में सहायक संचालक रवि शंकर तिवारी ने छात्रों के अपार आईडी जनरेशन, जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड अपडेशन की समीक्षा की। उन्होंने सभी छात्रों के आवश्यक दस्तावेज समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
नए शिक्षा सत्र से पहले गणवेश, पाठ्यपुस्तक और साइकिल वितरण की तैयारियां शत-प्रतिशत पूरी करने को कहा गया। साथ ही निर्देश दिया गया कि सीबीएसई स्कूलों में केवल एनसीईआरटी की पुस्तकों से ही पढ़ाई कराई जाए।
निजी स्कूलों की पीटीएम में विभाग की निगरानी सुनिश्चित करने के लिए नोडल प्राचार्य की अनिवार्य उपस्थिति भी तय की गई है।
अनुशासनहीनता के मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा गया कि लंबे समय से अनुपस्थित शिक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच जल्द पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि आवश्यक होने पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की जा सके। साथ ही स्कूलों में आधार आधारित उपस्थिति और आईगॉट कर्मयोगी पोर्टल पर प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है।
सामाजिक सरोकार के तहत पहाड़ी कोरवा और पंडो जनजाति के बच्चों के लिए विशेष सर्वे कराने के निर्देश दिए गए हैं। आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान कर उन्हें तत्काल स्कूल में दाखिला दिलाने और उनकी पढ़ाई की निगरानी करने को कहा गया है। यदि किसी संकुल में ड्रॉपआउट बच्चे पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए अगले 5 वर्षों की कार्य योजना तैयार करने, प्रार्थना शेड और बालिका शौचालयों के प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए। साथ ही शिक्षकों के सर्विस बुक अपडेट और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के भुगतान समय पर सुनिश्चित करने को कहा गया।


