Raipur LPG Shortage: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गैस सिलेंडर की किल्लत लगातार बनी हुई है। उपभोक्ताओं को एक महीने बाद भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। हालात यह हैं कि गैस एजेंसियों के चक्कर काटने के बावजूद उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
एक ओर जहां एजेंसियां 25 से 45 दिन में सिलेंडर मिलने का दावा कर रही हैं, वहीं जमीनी हकीकत इससे अलग है। कई उपभोक्ताओं की बुकिंग तक नहीं हो पा रही है, जबकि जिनकी बुकिंग हो चुकी है, उन्हें भी समय पर डिलीवरी नहीं मिल रही।
जानकारी के अनुसार, जिले में 40 हजार से अधिक गैस सिलेंडर की बुकिंग लंबित है। शहर में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के बाद बुकिंग का नियम है, लेकिन इसके बाद भी 10-15 दिन अतिरिक्त इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं रोजाना डिलीवरी 20 प्रतिशत से भी कम हो रही है, जिससे वेटिंग लगातार बढ़ रही है।
सोमवार को उपभोक्ताओं के हंगामे के बाद फाफाडीह स्थित रायपुर गैस कंपनी को बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने पुरानी एजेंसी के स्थान पर दो नई एजेंसियां खोलने के निर्देश दिए थे, लेकिन मंगलवार को केवल एक ही एजेंसी सक्रिय नजर आई।
राजेन्द्र एचपी गैस एजेंसी के काउंटर पर भारी भीड़ देखने को मिली, जहां लोग सिलेंडर और बुकिंग के लिए पर्ची कटवाने के लिए लाइन में लगे रहे। दूसरी ओर शांति एचपी गैस एजेंसी का काउंटर बंद रहा, जिससे उपभोक्ताओं को और अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
कई उपभोक्ता पुरानी एजेंसी के चक्कर लगाते रहे, जहां सन्नाटा पसरा हुआ था। एजेंसियों की ओर से स्पष्ट सूचना नहीं मिलने के कारण लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
इस मामले में खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा ने कहा कि शहर में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्र में 45 दिन बाद बुकिंग का नियम है। इसके बावजूद यदि उपभोक्ताओं को दिक्कत हो रही है, तो इसकी जांच की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि जिले में गैस सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और एजेंसियों द्वारा समय पर वितरण नहीं किए जाने की शिकायतों की जांच की जाएगी।


