Balod Police Suspension: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में स्थानांतरण आदेश की अनदेखी करना थाना प्रभारी और एक आरक्षक को भारी पड़ गया। पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने आदेशों की अवहेलना को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए अर्जुंदा थाना प्रभारी जोगेंद्र साहू और आरक्षक क्रमांक 272 पंकज तारम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केंद्र से संबद्ध कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, 16 सितंबर 2025 को जारी आदेश में आरक्षक पंकज तारम का स्थानांतरण अर्जुंदा थाना से गुंडरदेही थाना किया गया था। साथ ही सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए थे कि स्थानांतरित कर्मियों को समय पर रिलीव कर नए पदस्थापना स्थल पर भेजा जाए। आदेश की अवहेलना पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी।
इसके बावजूद थाना प्रभारी जोगेंद्र साहू ने संबंधित आरक्षक को करीब पांच माह तक रिलीव नहीं किया। वहीं आरक्षक ने भी नए थाना में ज्वाइन नहीं किया। जब एसपी ने स्थानांतरण और रिलीविंग प्रक्रिया की समीक्षा की, तब यह लापरवाही सामने आई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने इसे पदीय दायित्वों की अवहेलना, स्वेच्छाचारिता और गैर-जिम्मेदाराना आचरण माना। निलंबन आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी कर कर्मचारी को नवीन पदस्थापना के लिए रवाना नहीं किया गया, जो अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।
दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में स्पष्ट संदेश गया है कि प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
