CG News: छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों को बड़ी राहत मिली है। स्कूल शिक्षा विभाग ने पहली से 11वीं कक्षा तक की वार्षिक परीक्षाएं जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) के माध्यम से कराने संबंधी आदेश को वापस ले लिया है। अब निजी स्कूल पहले की तरह अपने स्तर पर ही परीक्षाओं का आयोजन कर सकेंगे। यह फैसला निजी स्कूल संगठनों के विरोध और बढ़ते दबाव के बाद लिया गया है। (निजी स्कूल लेंगे पहली से 11वीं तक परीक्षा)

दरअसल, लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने 3 फरवरी को आदेश जारी कर पांचवीं, आठवीं, दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं को छोड़कर शेष सभी कक्षाओं की परीक्षाएं स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से कराने के निर्देश दिए थे। इसके तहत 25 मार्च से 10 अप्रैल 2026 के बीच परीक्षाएं आयोजित करने और 30 अप्रैल तक परिणाम घोषित करने की व्यवस्था की गई थी। साथ ही जिला स्तर पर संचालन समिति, प्रश्नपत्र निर्माण समिति और मॉडरेशन समिति के गठन का प्रावधान भी किया गया था। (कक्षा 1 से 11वीं तक की परीक्षा लेंगे निजी स्कूल)

इस आदेश के बाद निजी स्कूल संचालकों में असंतोष फैल गया। स्कूल संगठनों का कहना था कि सत्र के अंतिम चरण में परीक्षा प्रणाली बदलना अव्यावहारिक है और इससे छात्रों पर अतिरिक्त मानसिक दबाव पड़ेगा। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने इसे स्कूलों की स्वायत्तता में हस्तक्षेप बताते हुए आदेश वापस लेने की मांग की थी।
विरोध को देखते हुए शिक्षा विभाग ने 4 फरवरी को संशोधित आदेश जारी किया। नए आदेश के अनुसार अनुदान प्राप्त और अशासकीय यानी निजी स्कूलों को इस व्यवस्था से बाहर कर दिया गया है। अब केवल स्वामी आत्मानंद स्कूलों में ही डीईओ के माध्यम से परीक्षाएं कराई जाएंगी।
