Ram Mandir: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ (प्रतिष्ठा द्वादशी) के आयोजन की रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया गया है। इस वर्ष प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ 22 जनवरी को नहीं, बल्कि 31 दिसंबर 2025 को मनाई जाएगी। समारोह का उद्घाटन केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे, जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि सनातन परंपरा के अनुसार सभी धार्मिक पर्व अंग्रेजी कैलेंडर नहीं, बल्कि हिंदू पंचांग के आधार पर मनाए जाते हैं। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा पौष शुक्ल द्वादशी को हुई थी, जो वर्ष 2024 में 22 जनवरी को पड़ी थी। इस वर्ष वही द्वादशी तिथि 31 दिसंबर को है, इसलिए इसी दिन प्रतिष्ठा द्वादशी का आयोजन किया जाएगा।

27 दिसंबर से शुरू होंगे अनुष्ठान
राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि 27 दिसंबर से 1 जनवरी तक मंदिर परिसर में धार्मिक और सांस्कृतिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। सभी कार्यक्रम अंगद टीला परिसर में होंगे और श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे। आयोजन को राम मंदिर के दूसरे पाटोत्सव के रूप में मनाया जाएगा।

1 जनवरी तक होंगे धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम
कार्यक्रम की शुरुआत 27 दिसंबर से होगी। 29 दिसंबर को दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक रामदिनेशाचार्य द्वारा रामकथा का आयोजन किया जाएगा। 29 और 30 दिसंबर को शाम 5:30 से 7 बजे तक छत्तीसगढ़ के गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के युवाओं द्वारा रामलीला का मंचन किया जाएगा।

31 दिसंबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सुबह करीब 11 बजे मंदिर परिसर पहुंचकर दर्शन करेंगे। दोपहर 1 बजे अंगद टीला पर उनका संबोधन होगा, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। इसी दिन शाम 6 बजे से 8 बजे तक कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कवि श्रीराम के गुणगान और वंदे मातरम की प्रस्तुति देंगे।

इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रमों में वाराणसी की अंशिका सिंह, अनूप जलोटा, सुरेश वाडेकर, तृप्ति शाक्य, फिरोजाबाद का मयूरी डांस ग्रुप और अन्य प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। 1 और 2 जनवरी को रामकथा, नृत्य-नाटिका और भक्ति संगीत के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
