Gariyaband News: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय वन्यजीव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। देवभोग थाना पुलिस और साइबर टीम की संयुक्त कार्रवाई में तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से 9 किलो जीवित सालकापरी (पैंगोलिन) और 6.13 किलो सालकापरी का छाल बरामद किया गया है।

गुप्त सूचना पर हुई त्वरित कार्रवाई
26 अक्टूबर को पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध लोग वन्यजीव की तस्करी की योजना बना रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर देवभोग पुलिस ने घेराबंदी करते हुए एक कार (OD 08 D 7638) और मोटरसाइकिल (CG 05 C 9151) को रोका। तलाशी के दौरान पुलिस को जिंदा सालकापरी और उससे जुड़ी सामग्री मिली।
ओडिशा से छत्तीसगढ़ तक फैला था गिरोह
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पैंगोलिन की तस्करी ओडिशा से छत्तीसगढ़ होते हुए अन्य राज्यों में ऊंचे दामों पर बेचने के लिए करते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भकुला पात्र (55) और तारिणी पात्र (52), निवासी कालाहांडी (ओडिशा), तथा नागेश पात्र (35), निवासी देवभोग (छत्तीसगढ़) के रूप में हुई है।

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 27, 29, 31, 39, 51(1) सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। साथ ही छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1972 के तहत भी अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
SP ने टीम की प्रशंसा की
गरियाबंद एसपी ने देवभोग थाना प्रभारी और साइबर टीम की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि वन्यजीव तस्करी जैसे अपराधों पर पुलिस की यह कार्रवाई कड़ा संदेश देती है कि ऐसी गैरकानूनी गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
