CG Coal Block Auction: कोयला मंत्रालय द्वारा कमर्शियल माइनिंग के 12वें दौर में छत्तीसगढ़ के तीन प्रमुख कोल ब्लॉकों की सफलतापूर्वक नीलामी की गई है। इस नीलामी से राज्य की ऊर्जा उत्पादन क्षमता, वार्षिक राजस्व और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में वृद्धि की उम्मीद की जा रही है।

किन-किन कोल ब्लॉक्स की हुई नीलामी?
इस दौर में छत्तीसगढ़ के कोरबा (Korba coal mines) जिले के दो ब्लॉक- रजगामार डिपसाइड देवनारा और रजगामार डिपसाइड साउथ ऑफ फुलकडीह, (Fulkadih coal mine) तथा रायगढ़ जिले का एक कोल ब्लॉक शामिल रहा। इन तीनों खदानों में कुल 1401.61 लाख टन कोयले का अनुमानित भंडार है। इनमें से देवनारा माइंस में 784.64 लाख टन और फुलकडीह क्षेत्र में 616.97 लाख टन कोयला मौजूद है।
किन कंपनियों को मिला ठेका?
इस नीलामी में TMC मिनरल रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड ने देवनारा माइंस (Devnara coal block) और मिवान स्टील्स लिमिटेड ने फुलकडीह माइंस को अपने नाम किया है। इन दोनों खदानों से प्रति वर्ष 52.5 लाख टन कोयला उत्पादन की क्षमता की उम्मीद की जा रही है।

राज्य को मिलेगा फायदा
कोयला मंत्रालय के अनुसार, कुल सात ब्लॉकों की इस नीलामी से भारत सरकार को करीब 719.90 करोड़ रुपये सालाना राजस्व मिलने की संभावना है। इसमें छत्तीसगढ़ के ब्लॉक का बड़ा योगदान होगा। यह पहल कोरबा और झारखंड जैसे कोयला-समृद्ध क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगी।
