रायपुर : छत्तीसगढ़ में दो कैथोलिक ननों की गिरफ्तारी (Chhattisgarh Nun Arrest) ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। धर्मांतरण और मानव तस्करी के आरोप में हुई इस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है, वहीं भाजपा ने भी पलटवार करते हुए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है।
राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि “छत्तीसगढ़ में दो कैथोलिक ननों को उनकी आस्था के कारण निशाना बनाकर जेल भेज दिया गया। यह न्याय नहीं, भाजपा-आरएसएस का गुंडा राज है।” इस बयान के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।

राहुल के बयान पर भाजपा ने पोस्टर जारी कर कांग्रेस को घेरा है। भाजपा का आरोप है कि राहुल गांधी मानव तस्करी के आरोपियों के बचाव में उतर आए हैं। भाजपा ने कहा, “बस्तर की बेटियों की तस्करी मामले में कांग्रेस आरोपियों का समर्थन कर रही है। क्या कांग्रेस के लिए कोई आरोपी भारतीय कानून से ऊपर है?”

भाजपा ने यह भी कहा कि दोनों आरोपी नन बिना स्थानीय अनुमति और दस्तावेजों के नारायणपुर की तीन युवतियों को आगरा ले जा रही थीं। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई की और जांच में मानव तस्करी जैसे गंभीर आरोप सामने आए। इसके बाद दोनों महिलाओं को कानूनी प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार किया गया।

राज्य सरकार के प्रवक्ता और भाजपा नेता विष्णुदेव साय ने कहा कि “छत्तीसगढ़ सरकार राज्य की बेटियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी प्रकार की तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
https://x.com/BJP4CGState/status/1949857464989724788?t=iRVLye5yp_R4Lsn-_-A6Sw&s=08
बीजेपी ने राहुल गांधी से पूछे तीखे सवाल:
क्या कांग्रेस के अनुसार मानव तस्करी स्वतंत्रता के दायरे में आता है?
क्या कोई नन या धर्म विशेष का व्यक्ति कानून से ऊपर है?
क्या आदिवासी क्षेत्रों में चल रही कथित गतिविधियों को कांग्रेस का संरक्षण प्राप्त है?
मामला क्या है?
बताया जा रहा है कि नारायणपुर की तीन युवतियों को दुर्ग रेलवे स्टेशन से आगरा ले जाया जा रहा था। दोनों ननों के पास स्थानीय अनुमति या स्पष्ट दस्तावेज नहीं थे। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी और जांच में धर्मांतरण व मानव तस्करी के सुराग मिले। जिसके बाद पुलिस ने IPC और JJ एक्ट के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तारी की।
