CG Paneer Ban: छत्तीसगढ़ सरकार ने खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है। राज्य में आज से एनालॉग पनीर के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने नवा रायपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस संबंध में आदेश आज ही जारी किया जाएगा।![]()
क्या होता है एनालॉग पनीर
एनालॉग पनीर ऐसा खाद्य उत्पाद है, जिसे पारंपरिक पनीर जैसा स्वाद, रंग और बनावट देने के लिए तैयार किया जाता है। इसे पूरी तरह दूध से नहीं बनाया जाता। इसमें वनस्पति तेल, मिल्क सॉलिड्स, स्टार्च, इमल्सीफायर और अन्य खाद्य अवयवों का उपयोग किया जाता है। इसका उद्देश्य उत्पादन लागत कम करना और उत्पाद की शेल्फ लाइफ बढ़ाना होता है।
असली पनीर से कैसे है अलग
पारंपरिक पनीर शुद्ध दूध को फाड़कर बनाया जाता है, जबकि एनालॉग पनीर में दूध की मात्रा कम या कई मामलों में बिल्कुल नहीं होती। इसकी जगह वनस्पति वसा और अन्य खाद्य सामग्री का उपयोग किया जाता है। इसी कारण दोनों के पोषण मूल्य और गुणवत्ता में अंतर होता है।
स्वास्थ्य पर पड़ता है असर
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार एनालॉग पनीर में उपयोग होने वाले पाम ऑयल, हाइड्रोजनेटेड फैट और अन्य खाद्य अवयवों का लंबे समय तक सेवन करने से हृदय रोग, उच्च कोलेस्ट्रॉल, फैटी लिवर और पाचन संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। कम लागत और अधिक लाभ के कारण पिछले कुछ वर्षों में इसकी बाजार में उपलब्धता बढ़ी थी।



