गुजरात पुल हादसा: महिसागर नदी से अब तक 15 शव बरामद; 4 लोग अभी भी लापता, एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत

Gujarat/Vadodara News : गुजरात में बुधवार को हुए महिसागर पुल हादसे ने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया है। वडोदरा और आणंद को जोड़ने वाले इस पुराने पुल के अचानक ढह जाने से अब तक महिसागर नदी से 15 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 4 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। NDRF और SDRF की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।

पुल ढहते ही गिरीं पांच गाड़ियां

बुधवार सुबह जैसे ही पुल का एक हिस्सा टूटा, उस पर से गुजर रही दो कार, दो ट्रक और एक ऑटो रिक्शा सीधे नदी में गिर गए। एक टैंकर पुल के टूटे सिरे पर अटक गया, जिससे और वाहन दुर्घटना से बच सके। हादसा इतना भीषण था कि पानी में डूबे वाहन और लोग तुरंत बहने लगे।

 

एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत

अब तक जो शव निकाले गए हैं, उनमें एक ही परिवार के तीन सदस्य भी शामिल हैं। गुरुवार सुबह NDRF को दो और शव मिले, इससे पहले बुधवार को 13 शव बरामद किए जा चुके थे। मृतकों में एक बच्चा भी शामिल है और एक बच्चा अभी भी लापता है।

45 साल पुराना था यह पुल, 2015 में हो चुकी थी शिकायत

यह पुल वर्ष 1981-82 में उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम द्वारा बनाया गया था। वर्ष 2015 में इसकी स्थिति जर्जर पाई गई थी और उस वक्त बेयरिंग बदले गए थे, लेकिन पुल की गुणवत्ता और सामग्री को लेकर सवाल तब भी उठे थे।

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को कई बार पुल की खराब स्थिति के बारे में शिकायत की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने हादसे के लिए प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।

स्थानीय लोग कर रहे थे रेस्क्यू, प्रशासन नदारद

घटना के तुरंत बाद स्थानीय युवकों ने नदी में उतरकर लोगों की मदद शुरू की। उन्होंने बताया कि प्रशासन की टीमें देर से पहुंचीं और शुरुआती घंटों में स्थानीय लोगों ने ही रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।

ब्रिज के टूटने से कई जिलों का संपर्क बाधित

यह ब्रिज दक्षिण गुजरात को सौराष्ट्र से जोड़ता था, लेकिन अब इसके टूटने से भरूच, सूरत, नवसारी, तापी और वलसाड के लोगों को अहमदाबाद होकर लंबा सफर तय करना पड़ेगा। इससे लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट पर भी असर पड़ रहा है।

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