Khairagarh-Gandai-Chhuikhadan: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-गंडई-छुईखदान जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आए हैं जहां अंधविश्वास और आपसी रंजिश ने एक बार फिर बर्बरता की हदें पार कर दीं। खैरागढ़ के खैरबना गांव में 26 जून को हुई महिला मोहिनी साहू की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि मोहिनी को “टोनही” कहकर बदनाम करने की पुरानी रंजिश के चलते उसके पड़ोसियों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपियों ने फिल्म ‘दृश्यम’ की तर्ज पर पुलिस को गुमराह करने की साजिश रची, लेकिन साइबर सेल की जांच ने उनका पूरा झूठ उजागर कर दिया।
घर की छत से घुसे और की निर्मम हत्या
घटना 26 जून की दोपहर करीब 2 बजे की है, जब मोहिनी साहू अपने घर में अकेली थी। इसी दौरान आरोपी सविता साहू (39) अपनी बेटी जसिका साहू (19) और भतीजे दीपेश साहू (24) के साथ छत के रास्ते घर में दाखिल हुईं।
बात दें, सविता और जसिका ने मोहिनी का गला गाय बांधने वाली गेरुआ रस्सी से घोंटा। वहीं दीपेश ने हंसिए से गले और चेहरे पर कई वार किए। मोहिनी की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस को गुमराह करने फिल्मी प्लानिंग
हत्या के बाद तीनों आरोपी घर लौटे, खून से सने कपड़े धोए, शरीर साफ किया और गांव में यह अफवाह फैलाई कि वे खेत में थे। जसिका ने पुलिस के सामने भी नकली आंसुओं के साथ वही कहानी दोहराई।
शुरुआत में पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला, लेकिन साइबर सेल ने मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल खंगाले, जिससे साजिश उजागर हुई। तीनों के बयानों में अंतर मिला और पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म कबूल कर लिया।

3 आरोपी गिरफ्तार
आरोपियों से हत्या में प्रयुक्त हंसिया और रस्सी बरामद कर ली गई है। सविता, जसिका और दीपेश साहू को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में जेल भेज दिया गया है।
