Raipur Nagar Nigam: रायपुर नगर निगम प्रशासन ने टैक्स वसूली विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। निगम आयुक्त विश्वदीप द्वारा 2 जुलाई को जारी आदेश के तहत 93 अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला कर दिया गया है। इनमें 10 सहायक राजस्व अधिकारी भी शामिल हैं। यह निगम के इतिहास में पहली बार है जब टैक्स वसूली जैसे तकनीकी और क्षेत्र-विशेष जानकारी से जुड़े विभाग में इतने बड़े स्तर पर बदलाव किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्स वसूली जैसे कार्यों में वार्डों की भौगोलिक जानकारी, जमीन की स्थिति, बकाया धारकों की सूची और स्थानीय समस्याओं की समझ जरूरी होती है। ऐसे में अनुभवहीन अमले के नई ज़ोन में जाने से वसूली प्रभावित होने की आशंका है।
इस बार 400 करोड़ का रखा गया है वसूली लक्ष्य
इस साल नगर निगम ने राजस्व वसूली के लिए 400 करोड़ रुपये से अधिक का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसमें सबसे बड़ी उम्मीद ओपन प्लॉट टैक्स वसूली से जताई गई है। लेकिन, स्थायी अमले के हटने और नए अधिकारियों को ज़मीन की समझ बनाने में लगने वाले समय को देखते हुए यह लक्ष्य चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
जोनवार तबादला विवरण
जोन-2: सर्वाधिक 11 अधिकारियों-कर्मचारियों का तबादला हुआ है।
जोन-6: सहायक ग्रेड-2 भारतेश नेताम को मुख्यालय भेजा गया है।
जोन-8: जोन-6 से कैलाश मरकाम और जोन-10 से राजेश मिश्रा को भेजा गया।
जोन-10: जोन-1 के नरेंद्र सोनी की पोस्टिंग।
जोन-6: जोन-5 के सुनील ध्रुव को भेजा गया है।
पहले से ही प्रभावित है टैक्स वसूली
हाल के महीनों में ऑनलाइन यूजर चार्ज में बदलाव और प्रॉपर्टी टैक्स वसूली प्रणाली की अनिश्चितता के चलते मई-जून में वसूली पहले से ही प्रभावित थी। अब इस बड़े स्तर के तबादले से प्रशासनिक स्थिरता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
