Bhupesh Baghel House ED Raid : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल के निवास पर प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) की छापेमारी ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। सोमवार सुबह तड़के ED की टीम ने भिलाई-3 स्थित बघेल के आवास पर दस्तक दी। इसके साथ ही उनके बेटे चैतन्य बघेल के घर समेत प्रदेशभर में कुल 14 ठिकानों पर भी ED ने छापेमारी की।
ED की कार्रवाई पर कांग्रेस का कड़ा विरोध
कांग्रेस ने इस छापेमारी को पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित बताया है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि भाजपा के इशारे पर ED विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है। कांग्रेस का कहना है कि यह कार्रवाई केंद्र सरकार द्वारा राजनीतिक बदले की भावना से की जा रही है, ताकि प्रदेश में कांग्रेस नेतृत्व को कमजोर किया जा सके।

भूपेश बघेल ने खुद इस रेड पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे भाजपा की साजिश बताया। उन्होंने कहा, “ED का दुरुपयोग कर विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।”
पूर्व CM बघेल ने ट्वीट कर कही ये बात
ईडी के कार्रवाई के बाद भूपेश बघेल की तरफ से पहली प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर कहा है कि, सात वर्षों से चले आ रहे झूठे केस को जब कोर्ट में बर्खास्त कर दिया गया तो ED के मेहमानों ने पूर्व सीएम के घर पर दबिश दी है। इस षड्यंत्र से कोई पंजाब में कांग्रेस को रोकने का प्रयास कर रहा है, तो यह गलतफहमी है।

कौन से मामलों में हो रही है जांच? (ED Raid)
सूत्रों के मुताबिक, ED की यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और आर्थिक अनियमितताओं से जुड़ी है। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि यह छापेमारी किस विशेष मामले से जुड़ी है। शराब घोटाला, कोयला घोटाला और महादेव सट्टा ऐप जैसे मामलों में भी बघेल का नाम उछाला गया था, लेकिन अब तक किसी भी मामले में उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है।
क्या है सच्चाई? (Bhupesh Baghel House ED Raid)
यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस नेताओं को इस तरह से जांच एजेंसियों के जरिए परेशान किया जा रहा है। इससे पहले भी कई विपक्षी नेताओं के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाइयां की गई हैं, जिन्हें बाद में राजनीति से प्रेरित बताया गया।
फिलहाल, ED की टीमें रायपुर, भिलाई और प्रदेश के अन्य हिस्सों में छापेमारी कर रही हैं। बताया जा रहा है कि इस दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की जा रही है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या ये छापेमारी सच्चे न्याय की दिशा में कदम है या सिर्फ विपक्ष को दबाने का एक और प्रयास?
कांग्रेस का सवाल – क्या भाजपा नेताओं पर होगी ऐसी कार्रवाई?
कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को असंवैधानिक बताते हुए सवाल उठाया है कि क्या केंद्र सरकार की एजेंसियां सिर्फ विपक्षी नेताओं को ही निशाना बनाएंगी? कांग्रेस ने मांग की है कि अगर निष्पक्ष जांच करनी है, तो भाजपा शासित राज्यों और नेताओं पर भी इसी तरह की कार्रवाई होनी चाहिए।
कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वे इस तरह की राजनीति से डरने वाले नहीं हैं और सच्चाई की लड़ाई जारी रहेगी।
