Google Gemini Trend: आजकल सोशल मीडिया पर AI टूल्स का इस्तेमाल करके अपनी फोटो और वीडियो को अलग-अलग आर्ट स्टाइल में बदलने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। इनमें से एक पॉपुलर स्टाइल है Google Gemini, जो इन दिनों खूब वायरल हो रहा है। लेकिन क्या आपने सोचा है कि इन टूल्स पर फोटो अपलोड करने से आपकी प्राइवेसी और डाटा को बड़ा खतरा हो सकता है? (AI Photo Risks)
कैसे काम करते हैं AI फोटो-वीडियो टूल्स? (AI Photo-video Tools Risk)
AI आधारित इमेज ट्रांसफॉर्मेशन और फिल्टरिंग टूल्स मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग एल्गोरिद्म का इस्तेमाल करते हैं। ये आपकी फोटो को प्रोसेस कर उसमें दिए गए आर्ट स्टाइल के हिसाब से बदलाव करते हैं। यह प्रोसेस कुछ सेकंड से लेकर कुछ मिनटों तक चल सकती है।



प्राइवेसी से जुड़े बड़े खतरे (Artificial Intelligence Privacy)
जब आप अपनी फोटो किसी AI ऐप या वेबसाइट पर अपलोड करते हैं, तो इससे आपकी पर्सनल जानकारी खतरे में पड़ सकती है।
1. डाटा स्टोरेज और यूजेस
कुछ AI टूल्स आपकी अपलोड की गई इमेज को अपने सर्वर पर सेव कर लेते हैं। कई बार, इन फोटोज का इस्तेमाल AI को और बेहतर बनाने के लिए किया जाता है, लेकिन अगर प्लेटफॉर्म की सिक्योरिटी मजबूत नहीं है, तो आपकी फोटोज लीक भी हो सकती हैं।
2. फेस रिकग्निशन और बायोमेट्रिक्स डाटा चोरी का रिस्क (AI Face Data Theft)
AI टूल्स आपकी फोटोज से फेस डाटा इकट्ठा कर सकते हैं, जो बायोमेट्रिक पहचान का हिस्सा बन सकता है। यह डाटा किसी अन्य काम के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, जैसे ऐड, सर्विलांस या यहां तक कि पहचान की चोरी भी इसके जरिए हो सकती है।
3. थर्ड-पार्टी डाटा शेयरिंग
कई फ्री AI टूल्स अपने टर्म्स और कंडीशन्स में यह लिखते हैं कि वे यूजर्स डाटा को थर्ड-पार्टी कंपनियों के साथ शेयर कर सकते हैं। इसका मतलब है कि आपकी फोटोज किसी और मकसद के लिए भी यूज हो सकती हैं, जिनमें मार्केटिंग और AI ट्रेनिंग सब शामिल हैं।
4. अनजान कंपनियों का डाटा एक्सेस
कई बार, लोग किसी नई AI साइट या ऐप पर बिना जांचे-परखे अपनी फोटोज अपलोड कर देते हैं। अगर वह प्लेटफॉर्म भरोसेमंद नहीं है, तो आपकी तस्वीरें गलत हाथों में जा सकती हैं और उनका गलत इस्तेमाल हो सकता है।

