Raipur News: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार को जोरदार हंगामे के साथ हुई। राजस्व निरीक्षक (RI) भर्ती परीक्षा 2024 में गड़बड़ी के मुद्दे पर सदन में तीखी बहस और विपक्ष के वॉकआउट के साथ सत्र की शुरुआत हुई। सत्र के पहले दिन कृषि संकट, बिजली कटौती, खाद-बीज की कमी, और शैक्षणिक संस्थानों की भर्ती प्रक्रिया पर भी सदस्यों ने सरकार को घेरा।

RI भर्ती गड़बड़ी पर सत्र में गरमा-गरमी
प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक राजेश मूणत ने RI परीक्षा में हुई अनियमितताओं को पिछली सरकार की गलती बताया। इस पर विपक्षी सदस्य भड़क गए और सदन से वॉकआउट कर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मामले की CBI जांच की मांग की।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने भर्ती में गड़बड़ी की बात मानी और बताया कि पांच सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट में अनियमितता सामने आई है, जिस पर EOW से 40 बिंदुओं पर जांच कराई जा रही है।
अजय चंद्राकर ने पूछा कि EOW जांच के आदेश किसने दिए, तो मंत्री ने बताया कि यह विभागीय निर्णय था।
पूर्व नेताओं को दी गई श्रद्धांजलि
सत्र की शुरुआत में छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त और सक्ति रियासत के राजा एवं पूर्व मंत्री सुरेंद्र बहादुर सिंह के निधन पर सदन ने 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित की गई।
सत्र में उठे बड़े मुद्दे

भूपेश बघेल के कहा:
“भूपेश बघेल के कहा प्रदेश में बिजली कटौती, खाद और बीज की भारी कमी है। 13 सौ रुपए का डीएपी बाजार में 21 सौ में मिल रहा। धान उत्पादन कम करने सरकार खाद रोक रही है। बाजारों में अमानक बीज मिल रहे हैं। सरकार की निष्क्रियता से किसान त्रस्त हैं।”
चरणदास महंत:
“व्यापारियों के पास खाद है, लेकिन सरकारी समितियों में नहीं। किसानों का सरकार पर से भरोसा उठ रहा है।”
उमेश पटेल:
“सरकार जानबूझकर DAP खाद रोक रही है ताकि उत्पादन घटे और किसान संकट में आए।”
अजय चंद्राकर:
महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में भर्ती में रोस्टर नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया। इस पर सीएम ने जांच कमेटी के गठन की जानकारी दी।

5 दिन के सत्र में 996 सवाल
14 से 18 जुलाई तक चलने वाले इस मानसून सत्र के लिए कुल 996 सवाल विधायकों द्वारा लगाए गए हैं, जो साफ दर्शाता है कि सत्र में विपक्ष तीखे हमले करने की तैयारी में है।
