IIT Bhilai: दुर्ग जिले के IIT भिलाई में पहले वर्ष के छात्र सौमिल साहू की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मंगलवार रात परिसर में छात्रों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने प्रशासन पर मेडिकल सुविधा में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया और मौत के वास्तविक कारणों की जानकारी मांगी। देर रात तक चले विरोध को पुलिस ने समझाइश के बाद शांत कराया।

अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल ले जाते ही हुई मौत
मंगलवार सुबह करीब 10 बजे सौमिल साहू (Saumil Sahu death IIT Bhilai) की तबीयत अचानक बिगड़ गई। संस्थान की ओर से उसे तत्काल एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक छात्र मध्यप्रदेश के हरदा जिले का निवासी था और IIT भिलाई के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में प्रथम वर्ष का विद्यार्थी था।
पिता बोले- बेटा पूरी तरह स्वस्थ था
शुरुआती जांच में पुलिस ने बताया कि छात्र को मिर्गी (एपिलेप्सी) की बीमारी थी और संभवतः इसी कारण उसकी तबीयत बिगड़ी। हालांकि, छात्र के पिता ने इस दावे को नकारते हुए कहा कि बेटा पूरी तरह स्वस्थ था और उसे किसी बीमारी की शिकायत नहीं थी। उन्होंने मौत की गंभीर जांच की मांग की है।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज
जेवरा-चौकी प्रभारी खगेंद्र पठारे ने बताया कि छात्र का पोस्टमॉर्टम सुपेला अस्पताल में कराया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल, शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि अभी तक परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है, लेकिन जांच जारी है।
छात्रों में आक्रोश
मौत की खबर फैलते ही IIT भिलाई परिसर में सैकड़ों छात्र प्रशासनिक भवन के बाहर इकट्ठा हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि संस्थान में समय पर मेडिकल हेल्प और आपात सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे छात्र की जान चली गई।
