CG Python Surgery: अजगर के मुंह से निकाला 200 ग्राम का ट्यूमर, 2 घंटे चली सर्जरी; नहीं निकालते तो..  

CG Python Surgery: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में वेटरनरी डॉक्टरों ने एक अजगर के मुंह का सफल ऑपरेशन कर 200 ग्राम का ट्यूमर निकाला है। करीब 2 घंटे तक चली सर्जरी के बाद अजगर की जान बचाई गई। ऑपरेशन के बाद उसे ड्रिप लगाकर विशेष निगरानी में रखा गया है।

CG Python Surgery: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में वेटरनरी डॉक्टरों ने एक अजगर के मुंह का सफल ऑपरेशन कर 200 ग्राम का ट्यूमर निकाला है। करीब 2 घंटे तक चली सर्जरी के बाद अजगर की जान बचाई गई। ऑपरेशन के बाद उसे ड्रिप लगाकर विशेष निगरानी में रखा गया है।

दरअसल, स्नेक रेस्क्यूअर सत्यम द्विवेदी ने सरगुजा के जंगल से इंडियन रॉक पाइथन का रेस्क्यू किया था। करीब 8.5 किलो वजन वाले इस अजगर के गले के पास सूजन थी और उसका मुंह सामान्य से ज्यादा बड़ा दिखाई दे रहा था।

 

जांच के दौरान पता चला कि अजगर के मुंह में ट्यूमर है। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर ट्यूमर नहीं निकाला जाता तो इसके कैंसर में बदलने का खतरा था। इसके बाद ऑपरेशन कर ट्यूमर को बाहर निकाला गया।

अजगर के मुंह में दिखी थी गांठ

स्नेक रेस्क्यूअर सत्यम द्विवेदी ने बताया कि सरगुजा के एक क्षेत्र में अजगर मिलने की सूचना मिली थी। रेस्क्यू के दौरान उन्होंने उसके मुंह में गांठ देखी, जिसके बाद वेटरनरी डॉक्टरों से संपर्क किया गया।

जांच में ट्यूमर होने की पुष्टि के बाद इलाज की तैयारी की गई। इसके बाद 12 अक्टूबर को सत्यम अजगर को लेकर करीब 250 किलोमीटर का सफर तय कर बिलासपुर पहुंचे।

2 घंटे की सर्जरी के बाद निकाला ट्यूमर

बिलासपुर के कानन पेंडारी में डॉक्टर पीयूष दुबे और उनकी टीम ने अजगर का ऑपरेशन किया। करीब 2 घंटे तक चली जटिल सर्जरी के दौरान सावधानीपूर्वक 200 ग्राम के ट्यूमर को बाहर निकाला गया।

डॉक्टरों के मुताबिक, अगर समय रहते इसका इलाज नहीं किया जाता तो अजगर की स्थिति गंभीर हो सकती थी। ट्यूमर बढ़ने से उसे भोजन करने और सामान्य जीवन में परेशानी का सामना करना पड़ सकता था।

सर्जरी के बाद विशेष निगरानी में अजगर

ऑपरेशन के बाद अजगर को ड्रिप लगाई गई है और उसकी लगातार निगरानी की जा रही है। डॉक्टर उसकी सेहत में सुधार के लिए विशेष देखभाल कर रहे हैं।

समय पर रेस्क्यू और इलाज मिलने से अजगर की जान बच सकी। वन्यजीव उपचार के क्षेत्र में इस सर्जरी को महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में रेप्टाइल की सफल सर्जरी बड़ी उपलब्धि

बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में किसी सांप के शरीर से गांठ निकालने की यह पहली सफल सर्जरी हो सकती है। वन्यजीव उपचार के क्षेत्र में इसे एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

10 हजार से ज्यादा सांपों का कर चुके हैं रेस्क्यू

अंबिकापुर के स्नेक रेस्क्यूअर सत्यम द्विवेदी अब तक 10 हजार से अधिक सांपों का रेस्क्यू कर चुके हैं। वे पिछले करीब 10 वर्षों से सांपों को बचाने और उन्हें सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ने का काम कर रहे हैं।

 

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