Raipur Crime Report: 23 जनवरी 2026 से रायपुर की पुलिस व्यवस्था में बड़ा बदलाव हुआ। रायपुर जिले की पुलिस व्यवस्था को 2 हिस्सों में बांटते हुए रायपुर पुलिस कमिश्नरेट और पुलिस जिला रायपुर ग्रामीण की व्यवस्था लागू की गई। शहरी क्षेत्र में पुलिस आयुक्त के नेतृत्व में कमिश्नरेट व्यवस्था और ग्रामीण क्षेत्र में पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में अलग पुलिस जिला बनाया गया। यह व्यवस्था 23 जनवरी 2026 से प्रभावी हुई। (रायपुर अपराध आंकड़े)
इस नई व्यवस्था में रायपुर ग्रामीण के अंतर्गत 12 थाने रखे गए हैं। इनमें विधानसभा, धरसींवा, खरोरा, तिल्दा-नेवरा, माना, मंदिर हसौद, आरंग, नवा रायपुर, राखी, अभनपुर, गोबरा-नवापारा और उरला का नगर निगम सीमा से बाहर वाला क्षेत्र शामिल है। (रायपुर ग्रामीण अपराध)
इसी नए पुलिस जिले के आंकड़ों में 23 जनवरी से 31 अगस्त 2025 और 23 जनवरी से 31 अगस्त 2026 की अवधि की तुलना की गई है। 2025 में कुल 2,329 आपराधिक प्रकरण दर्ज हुए थे, जबकि 2026 में यह संख्या घटकर 2,131 रह गई। यानी 198 मामले कम हुए और कुल आपराधिक प्रकरणों में 8.50 प्रतिशत की कमी आई।
चोट के सबसे ज्यादा मामले (Raipur Rural Crime Report)
आंकड़ों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी चोट के मामलों की है। 2025 में 918 मामले दर्ज हुए, जो कुल अपराध का 39.42 प्रतिशत था। 2026 में मामले घटकर 712 हुए और कुल अपराध में इसकी हिस्सेदारी 33.41 प्रतिशत रह गई। यानी मामलों में 22.44 प्रतिशत की कमी आई।
इसके बाद अन्य भादवि के 400 मामले 2025 में थे, जो कुल का 17.17 प्रतिशत थे। 2026 में यह संख्या बढ़कर 431 हो गई और हिस्सेदारी 20.23 प्रतिशत हो गई। यानी 7.75 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
अपहरण में 17.27% की बढ़ोतरी
ग्रामीण पुलिस के लिए सबसे महत्वपूर्ण चिंता अपहरण/व्यपहरण के आंकड़े हैं। 2025 में 139 मामले यानी कुल अपराध का 5.97 प्रतिशत दर्ज हुए थे। 2026 में मामले बढ़कर 163 हो गए और कुल अपराध में हिस्सेदारी 7.65 प्रतिशत पहुंच गई। यानी 24 मामले अधिक और 17.27 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
हत्या के प्रयास में 55.56 प्रतिशत की वृद्धि
हत्या के मामले 27 से घटकर 25 हुए। कुल अपराध में इनकी हिस्सेदारी लगभग 1.16 से बढ़कर 1.17 प्रतिशत रही और मामलों में 7.41 प्रतिशत की कमी हुई।
लेकिन हत्या के प्रयास के मामले 18 से बढ़कर 28 हो गए। यानी 10 मामले ज्यादा और वृद्धि दर 55.56 प्रतिशत रही। कुल अपराध में इसकी हिस्सेदारी भी 0.77 प्रतिशत से बढ़कर 1.31 प्रतिशत हो गई।
बलात्कार के मामले घटे, शीलभंग बढ़े
बलात्कार के मामले 68 से घटकर 58 हुए। कुल अपराध में हिस्सेदारी 2.92 से घटकर 2.72 प्रतिशत हुई और मामलों में 14.71 प्रतिशत की कमी आई।
इसके विपरीत शीलभंग के मामले 27 से बढ़कर 34 हुए। कुल अपराध में हिस्सेदारी 1.16 से बढ़कर 1.60 प्रतिशत हो गई। मामलों में 25.93 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
यौन उत्पीड़न/छेड़छाड़ के मामले भी 5 से बढ़कर 6 हुए, यानी 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
चोरी और नकबजनी में राहत
चोरी के मामले 216 से घटकर 196 हुए। कुल अपराध में इसकी हिस्सेदारी 9.27 से घटकर 9.20 प्रतिशत रही और मामलों में 9.26 प्रतिशत की कमी हुई।
नकबजनी 121 से घटकर 102 हुई। कुल अपराध में हिस्सेदारी 5.20 से घटकर 4.79 प्रतिशत और मामलों में 15.70 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई।
बलवा भी 30 से घटकर 24 हुआ, यानी 20 प्रतिशत कमी।
आंकड़ों की बड़ी तस्वीर
रायपुर ग्रामीण पुलिस के इन आंकड़ों के मुताबिक कुल अपराध में 8.50 प्रतिशत की कमी निश्चित रूप से आई है, लेकिन इसका बड़ा कारण चोट के मामलों में आई 206 मामलों की कमी है।
दूसरी ओर गंभीर अपराधों की कुछ श्रेणियों में बढ़ोतरी हुई है। खास तौर पर हत्या के प्रयास में 55.56 प्रतिशत, अपहरण में 17.27 प्रतिशत, शीलभंग में 25.93 प्रतिशत और लूट में 13.33 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
वहीं आपराधिक मानव वध, दहेज मृत्यु, अमानत में खयानत, आगजनी, बलवा, नकबजनी और बलात्कार जैसे कई मामलों में गिरावट दर्ज हुई है।
रायपुर में नई पुलिस व्यवस्था
23 जनवरी 2026 से लागू व्यवस्था में रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत 21 थाने और रायपुर ग्रामीण पुलिस जिले के अंतर्गत 12 थाने हैं। यानी दोनों व्यवस्थाओं को मिलाकर इस पुलिस पुनर्गठन में 33 थाना क्षेत्रों का ढांचा सामने आया।
