Raigarh Jail Death: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला जेल में बंद एक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कोतरारोड थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक श्याम देव साहू और आरक्षक शंभु चौहान को लाइन अटैच कर दिया है।![]()
जेल में बंदी की मौत
जानकारी के अनुसार, नवापारा गांव निवासी संजय बघेल (28) को 10 जून को अवैध शराब बिक्री के मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया था। 13 जून को जेल में उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसे रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंचे और मामले को लेकर नाराजगी जताई। इस दौरान अस्पताल परिसर में हंगामा और हल्की धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक के परिजनों का आरोप है कि जेल में संजय बघेल के साथ मारपीट की गई थी, जिसके कारण उसकी मौत हुई। परिजनों का यह भी कहना है कि उन्हें कई घंटों तक शव देखने की अनुमति नहीं दी गई। मृतक के पिता ने आरोप लगाया कि एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया था। उनका दावा है कि एक व्यक्ति को कथित रूप से 40 हजार रुपए लेकर छोड़ दिया गया, जबकि पैसे नहीं देने पर उनके बेटे को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
SP को सौंपा ज्ञापन
रविवार को मृतक के परिजनों ने पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग भी की गई।
कांग्रेस ने बनाई 6 सदस्यीय जांच समिति
मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने छह सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति की अध्यक्षता चातुरी नंद को सौंपी गई है। समिति में विद्यावती सिदार, कविता प्राणलहरे, शेषराज हरबंश, नागेंद्र नेगी और शाखा यादव को शामिल किया गया है। यह समिति जेल प्रबंधन, पीड़ित परिवार और अन्य संबंधित लोगों से मुलाकात कर तथ्य जुटाएगी तथा अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी। फिलहाल पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच जारी है।



