CG: कलेक्टर की अनोखी पहल ! जिले में नुक्कड़-नाटक के जरिए किसानों को समझाए जा रहे नैनो DAP और नैनो यूरिया के बड़े फायदे

CG: कलेक्टर की अनोखी पहल ! जिले में नुक्कड़-नाटक के जरिए किसानों को समझाए जा रहे नैनो DAP और नैनो यूरिया के बड़े फायदे

 

CG | बलौदाबाजार | जिले में किसानों को उन्नत एवं वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन में विशेष किसान जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत किसानों को नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के उपयोग, लाभ एवं वैज्ञानिक तथ्यों की जानकारी दी जा रही है, साथ ही इनके संबंध में फैली अफवाहों, भ्रांतियों एवं आशंकाओं को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।

 

इस विशेष अभियान के अंतर्गत बलौदाबाजार भाटापारा जिले की 50 सहकारी समितियों को चिन्हांकित कर विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। शिविरों में आकर्षक नुक्कड़ नाटक के माध्यम से किसानों को नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी जा रही है। नुक्कड़ नाटक के पश्चात ग्राम कृषि विशेषज्ञों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा किसानों को तकनीकी जानकारी प्रदान की जा रही है तथा उनकी जिज्ञासाओं और प्रश्नों का भी समाधान किया जा रहा है। इसके अलावा डिजिटल वॉल पेंटिंग,पोस्टर एवं पाम्पलेट के माध्यम से भी व्यापक जनजागरूकता की जा रही है। नुक्कड़ नाटक के बाद किसानों को व्यक्तिगत रूप से पाम्पलेट वितरित कर नैनो उर्वरकों के उपयोग की विधि, लाभ एवं सावधानियों के संबंध में विस्तार से समझाया जा रहा है।

 

किसानों ने कहा अच्छी और सही जानकारी मिल रही हैं
नुक्कड़ नाटक को देखने आए ग्राम ओडान के किसान श्री भोज राम वर्मा ने कहा मुझे नैनो यूरिया के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। पर इस कार्यक्रम के माध्यम से मुझे नैनो यूरिया के बारे में अच्छी और सही जानकारी प्राप्त हुई है। इसको लेकर मेरे मन में कुछ प्रश्न भी थे जिसका विषय विशेषज्ञों ने भी समाधान किया। पहले मै केवल खेतों में परंपरागत यूरिया का ही उपयोग करते आया था इस बार अब मै नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का उपयोग करूंगा। इसी तरह ग्राम वटगन के किसान श्री सुभाष वर्मा ने कहा ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समय समय में होना ही चाहिए इससे हम किसानों को बहुत सी जानकारी प्राप्त होती है जिनसे हम अंजान रहते है। उन्होंने आयोजन के लिए कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा के प्रति आभार जताया।

 

 

गौरतलब है जिला प्रशासन का उद्देश्य किसानों के बीच नैनो उर्वरकों को लेकर व्याप्त डर एवं भ्रम को दूर करना तथा उन्हें वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर सही जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि किसान आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि कर सकें।”जागरूक होगा किसान – उन्नत होगी खेती” के संकल्प के साथ जिला प्रशासन द्वारा यह अभिनव पहल निरंतर जारी है।

 

 

 

उल्लेखनीय है कि जिले की 50 चयनित सहकारी समितियों में यह अभियान संचालित किया जा रहा है, जिनमें लवन, तिल्दा,अहिल्दा, सरखोर, बम्हनपुरी, रिसदा, खम्हरिया, सेमराडीह, रसेड़ा, डमरू, कसडोल, छरछेद, कटगी, सेल, अमोदी, हंसुवा, टुंड्रा, सोनाखान, गिरौद, चिखली, कुम्हारी, खपराडीह, सुहेला, सकलोर, भटभेरा, रावन, बिटकुली, जांगड़ा, दावनबोड़, हथबंद, अर्जुनी, गोढ़ी (टी), मिरगी, खोखली, तरेंगा-भाटापारा, केसला, खैरा, मोपका, लेवई, निपनिया, गिर्रा, कोदवा, जर्वे, ओडान, वटगन, कोसमंदी, अमेरा, कोनारी, लच्छनपुर एवं रोहांसी शामिल हैं।

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