Raipur Sanitation Strike: रायपुर नगर निगम की सफाई व्यवस्था को बड़ा झटका लगा है। भुगतान नहीं मिलने से नाराज सफाई ठेकेदारों ने बुधवार से काम बंद कर दिया है। इसके चलते नगर निगम के सभी 70 वार्डों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है। ठेकेदारों का आरोप है कि पिछले चार महीने से उनका भुगतान लंबित है, जिसके कारण उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, सफाई ठेकेदारों ने दो दिन पहले ही नगर निगम आयुक्त और नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी को ज्ञापन सौंपकर समय पर भुगतान नहीं होने की स्थिति में काम बंद करने की चेतावनी दी थी। मांग पूरी नहीं होने पर बुधवार से हड़ताल शुरू कर दी गई।
कई वार्डों में नहीं हुआ कचरा उठाव
हड़ताल के पहले ही दिन शहर के कई वार्डों में कचरा उठाव प्रभावित रहा। सुबह नियमित सफाई और कचरा संग्रहण नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के विभिन्न इलाकों में सफाई व्यवस्था चरमराने लगी है, जिससे नागरिकों में नाराजगी देखी जा रही है।
यूजर चार्ज बढ़ोतरी का भी विरोध
इधर, नगर निगम द्वारा हाल ही में आवासीय और व्यावसायिक यूजर चार्ज बढ़ाने के फैसले का भी विरोध तेज हो गया है। बढ़ते यूजर चार्ज और खराब सफाई व्यवस्था के विरोध में शहर कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने सड़कों पर झाड़ू लगाकर निगम प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया।
निगम प्रशासन पर उठे सवाल
नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा कि शहर में पहले से ही सफाई व्यवस्था बदहाल है। ऐसे समय में ठेकेदारों को भुगतान नहीं मिलना नगर निगम की वित्तीय और प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। उन्होंने तत्काल बकाया भुगतान कर हड़ताल समाप्त कराने और सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
महीने से नहीं मिला भुगतान
सफाई ठेकेदारों का कहना है कि चार महीने से भुगतान नहीं होने के कारण कर्मचारियों का वेतन और अन्य खर्चों का संचालन मुश्किल हो गया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।


