CG News: छत्तीसगढ़ के महिला एवं बाल विकास विभाग में साड़ी वितरण को लेकर बड़ा घोटाला (Chhattisgarh Saree Ghotala) सामने आया है। वर्ष 2024-25 के लिए प्रदेश की करीब 1.94 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को वितरित की गई साड़ियों में लंबाई और गुणवत्ता में भारी गड़बड़ी पाई गई है।
जानकारी के अनुसार, साड़ी सप्लाई का जिम्मा खादी एवं ग्रामोद्योग को दिया गया था। प्रति साड़ी 500 रुपए के हिसाब से करीब 9.7 करोड़ रुपए की खरीदी की गई। वर्क ऑर्डर में स्पष्ट रूप से 6.3 मीटर लंबाई (5.5 मीटर साड़ी और 80 सेंटीमीटर ब्लाउज) निर्धारित थी, लेकिन कई जिलों में वितरित साड़ियां 5.5 मीटर से कम और कहीं-कहीं मात्र 5 मीटर ही निकलीं।
लंबाई कम होने के कारण आंगनबाड़ी (Anganwadi Saree Ghotala) कार्यकर्ता साड़ी पहन नहीं पा रही हैं। वहीं धोने पर साड़ियों का रंग उतरने और सिकुड़ने की शिकायतें भी सामने आई हैं। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि दी गई साड़ियों की गुणवत्ता बेहद खराब है और बाजार में इनकी कीमत 250 रुपए से भी कम है। (आंगनबाड़ी साड़ी घोटाला)
बिलासपुर जिले समेत कई क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं ने साड़ियों की चौड़ाई कम होने और कपड़ा पतला होने की भी शिकायत की है। कुछ जगहों पर साड़ी इतनी पारदर्शी बताई गई कि महिलाएं उसे पहनने में असहज महसूस कर रही हैं। करीब 1930 कार्यकर्ताओं ने साड़ियों का उपयोग बंद कर दिया है और पुराने यूनिफॉर्म में काम कर रही हैं। (छत्तीसगढ़ महिला बाल विकास साड़ी घोटाला)
मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग की संचालक रेणुका श्रीवास्तव ने जांच के लिए कमेटी गठित की है। प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी की पुष्टि हुई है। विभाग ने खादी ग्रामोद्योग को भुगतान रोकने के निर्देश जारी कर दिए हैं और दोषपूर्ण साड़ियों को बदलने के आदेश दिए हैं।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा है कि जहां-जहां खराब गुणवत्ता की साड़ियों की सप्लाई हुई है, उन्हें वापस लिया जाएगा और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

