Balod Gangrape: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां पार्टी से लौट रहे तीन युवकों ने एक आदिवासी विधवा महिला को जबरन उठाकर सुनसान इलाके में ले जाकर उसके साथ गैंगरेप किया। विरोध करने पर आरोपियों ने महिला के साथ मारपीट भी की। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है। (बालोद में आदिवासी विधवा से गैंगरेप)
रात में जबरन उठाकर ले गए आरोपी
पुलिस के अनुसार घटना 22 फरवरी 2026 की रात करीब 9 बजे की है। पीड़िता ने शिकायत में बताया कि गांव करहीभदर के रहने वाले विकास सिन्हा, रोशन कुमार साहू और कमल कुमार सेन उसे जबरन उठाकर करीब 300 मीटर दूर सुनसान जगह पर ले गए। वहां आरोपियों ने रात करीब 12 बजे तक उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। (बालोद विधवा महिला गैंगरेप)

पीड़िता ने बताया कि इस दौरान आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौज की और किसी को बताने पर कोई विश्वास नहीं करेगा कहकर धमकाया। विरोध करने पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट भी की, जिससे उसे चोटें आईं।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
पीड़िता की शिकायत के बाद बालोद थाने में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। (Balod Tribal Woman Gangrape)
दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर के निर्देशन और एसडीओपी बोनीफॉस एक्का के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम गठित की गई। थाना प्रभारी निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा के नेतृत्व में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी विकास सिन्हा (26 वर्ष) और कमल कुमार सेन (23 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों ने पूछताछ में घटना को स्वीकार कर लिया, जिसके बाद 14 मार्च 2026 को उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। तीसरे आरोपी की तलाश जारी है।

ग्राम समिति ने पैसे लेकर दबाया था मामला
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि घटना के बाद गांव में ग्राम समिति की बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में आरोपियों से 40-40 हजार रुपये का अर्थदंड लेकर मामले को दबाने की कोशिश की गई। हालांकि पीड़िता को न्याय नहीं मिलने पर वह सीधे बालोद थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। (Balod vidhwa mahila gangrape)
पुलिस ने अब सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों के साथ-साथ ग्राम समिति के उन लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है, जिन्होंने पैसे लेकर मामले को दबाने की कोशिश की थी। इस मामले में दर्जनभर से अधिक ग्रामीणों की भूमिका की जांच की जा रही है।
