CG News: दुर्ग जिले के समोदा गांव के सरपंच अरुण गौतम को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। उन पर व्हाट्सएप स्टेटस के जरिए प्रशासनिक और राजस्व अधिकारियों के संबंध में आपत्तिजनक सामग्री साझा करने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि पहले बाउंड ओवर की कार्रवाई के बावजूद दोबारा ऐसा करने पर उनके खिलाफ सख्त कदम उठाया गया है।
शिकायत के बाद दर्ज हुआ मामला
पुलिस के अनुसार, समोदा निवासी जितेंद्र देशमुख ने लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया था कि अरुण गौतम ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट साझा की है। शिकायत और अनुविभागीय दंडाधिकारी से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर पुलगांव थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 296 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
मोबाइल जब्त
जांच के दौरान पुलिस ने अरुण गौतम को गिरफ्तार कर लिया। पोस्ट साझा करने में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
बाउंड ओवर की शर्तों के उल्लंघन पर कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि अरुण गौतम के खिलाफ पहले भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए बाउंड ओवर कराया गया था। इसके बावजूद दोबारा आपत्तिजनक सामग्री साझा करने पर इसे शर्तों का उल्लंघन माना गया। पुलिस ने बाउंड ओवर निरस्त करने के लिए एसडीएम न्यायालय में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसके बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस का दावा है कि बाउंड ओवर की शर्त तोड़ने पर जेल भेजने की यह प्रदेश की पहली कार्रवाई है।
अफीम की अवैध खेती उजागर करने से आए थे चर्चा में
मार्च 2026 में समोदा गांव में अफीम की अवैध खेती का बड़ा मामला सामने आया था। खेतों में बड़ी संख्या में अफीम के पौधे मिलने के बाद यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना था। पुलिस और प्रशासन तक इसकी सूचना पहुंचाने में सरपंच अरुण गौतम की अहम भूमिका रही थी। शिकायत के बाद संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए मामले की जांच की थी और बाद में आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी पेश की गई थी।



