Karwa Chauth 2026: सुहाग और अखंड सौभाग्य का पर्व करवा चौथ 2026 आज पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। महिलाओं ने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और सुखी दांपत्य जीवन की कामना करते हुए सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण कर निर्जला व्रत रखा है। शाम को भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की विधि-विधान से पूजा की जाएगी। इसके बाद चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य देने और पति के हाथों जल ग्रहण करने के साथ व्रत का पारण किया जाएगा।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार रायपुर में चंद्रमा रात करीब 8:18 बजे दिखाई देने का अनुमान है। हालांकि चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहने की संभावना है, जिससे चंद्र दर्शन में कुछ देर हो सकती है। प्रदेश में सबसे पहले बलरामपुर में रात 8:02 बजे, अंबिकापुर में 8:03 बजे, कोरबा में 8:06 बजे और जगदलपुर में 8:17 से 8:22 बजे के बीच चंद्रमा निकलने का अनुमान है।
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक चतुर्थी तिथि 28 अक्टूबर की रात 1:08 बजे से शुरू होकर 29 अक्टूबर की रात 10:11 बजे तक रहेगी। इस दौरान महिलाएं पति की लंबी आयु, परिवार की खुशहाली और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति की कामना करते हुए व्रत और पूजा करेंगी।
करवा चौथ की पूजा में भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की आराधना की जाएगी। करवे में जल, साबुत चावल, सिक्का और फूल रखकर चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाएगा। इसके बाद महिलाएं छलनी से पहले चंद्रमा और फिर अपने पति के दर्शन कर व्रत का पारण करेंगी। कई महिलाएं इस अवसर पर सोलह श्रृंगार भी करेंगी।
इस वर्ष करवा चौथ पर शुक्रादित्य और बुधादित्य योग का विशेष संयोग बन रहा है, जिसे ज्योतिष की दृष्टि से शुभ माना जा रहा है। मान्यता है कि इन शुभ योगों में पूजा-अर्चना करने से दांपत्य जीवन में सुख, प्रेम और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि निर्जला व्रत रखने वाली महिलाओं को व्रत खोलने के बाद धीरे-धीरे पानी पीना चाहिए और हल्का व पौष्टिक भोजन करना चाहिए। जिन महिलाओं को किसी प्रकार की बीमारी है या नियमित दवाएं लेनी पड़ती हैं, उन्हें चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही व्रत रखना चाहिए।


