CG Crop Damage: अर्नब चक्रवात के असर से छत्तीसगढ़ के कई जिलों में हुई बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से किसानों की चिंता बढ़ गई है। धान और सब्जियों की फसलों को हुए नुकसान के बीच राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा है कि प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति का आकलन अनावरी रिपोर्ट के आधार पर किया जाएगा। पात्र किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC) 6-4 के प्रावधानों के तहत मुआवजा दिया जाएगा।
अनावरी रिपोर्ट से होगा नुकसान का आकलन
मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि चक्रवात अर्नब के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश और हवाएं चली हैं। कुछ क्षेत्रों में धान सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है। ऐसे सभी मामलों में अनावरी रिपोर्ट तैयार कर फसल क्षति का आकलन किया जाएगा। इसके बाद पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा प्रदान किया जाएगा।
फसल बीमा और RBC के तहत मिलेगी सहायता
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों की फसल प्रभावित हुई है, उन्हें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और आरबीसी 6-4 के प्रावधानों के अनुसार राहत राशि दी जाएगी। प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर आवश्यक रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
पटवारियों की हड़ताल पर मंत्री की प्रतिक्रिया
पटवारियों की जारी हड़ताल पर मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि हजारों पटवारी पिछले 15 दिनों से हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर सरकार से चर्चा करने के बजाय सीधे हड़ताल पर जाना उचित नहीं था। बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता था।
गिरदावरी कार्य प्रभावित होने की आशंका
मंत्री ने कहा कि इस समय धान खरीदी से पहले गिरदावरी का कार्य चल रहा है। ऐसे में पटवारियों की हड़ताल से राजस्व और कृषि संबंधी कार्य प्रभावित हो सकते हैं। गिरदावरी के आधार पर फसल और कृषि भूमि का रिकॉर्ड तैयार किया जाता है, जो धान खरीदी समेत कई सरकारी प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक होता है।

