CG News: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में 22 से अधिक बंदरों की संदिग्ध मौत का मामला सामने आने के बाद वन विभाग और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फसलों की रखवाली के दौरान बंदरों के झुंड पर कथित रूप से फायरिंग की गई, जिससे बड़ी संख्या में बंदरों की मौत हो गई। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
जानकारी के मुताबिक घटना देवगांव क्षेत्र की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि फसलों को बंदरों से बचाने के लिए तैनात रखवारों ने बंदरों के झुंड पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मृत बंदरों को कब्जे में लिया है। अधिकारियों के अनुसार, सभी शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा ताकि मौत के कारणों और किसी हथियार के इस्तेमाल की पुष्टि की जा सके।
ग्रामीणों और पशु प्रेमियों ने घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि फायरिंग की बात सही पाई जाती है तो यह वन्यजीव संरक्षण कानून का गंभीर उल्लंघन है।
बेमेतरा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश यादव ने बताया कि पुलिस को घटना की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिली। इसके बाद पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई। फिलहाल सभी पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि बंदरों की मौत किन परिस्थितियों में हुई। यदि किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


